बूढ़पुर में लगे मेले में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
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बिजनौर के नूरपुर में बैशाख मास की शुक्ल पक्ष अष्टमी को गांव बूढ़पुर में सिद्धपीठ पर लगने वाले मेले में पहुंचे हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाकर मन्नत मांगी। मेले में उमड़ी भारी भीड़ के कारण अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा।
गांव बूढ़पुर में प्रत्येक वर्ष वैशाख मास की शुक्ल पक्ष अष्टमी को सिद्धपीठ पर भारी मेला लगता है। मेले में जनपद ही नहीं आसपास के जनपदों के अलावा उत्तराखंड, दिल्ली, मध्यप्रदेश, पंजाब और हरियाणा आदि से श्रद्धालु पहुंचकर प्रसाद चढ़ाते हैं। नवविवाहित जोड़े भी जात लगाने आते हैं।
शनिवार को मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाकर मन्नत मांगी।
सिद्धपीठ पर बिराजमान पुजारी मेहर सिंह ने बताया कि उक्त सिद्ध पीठ पर सैकड़ों वर्ष से मेला लगता है। उन्होंने बताया कि करीब 200 वर्ष पहले यहां घना जंगल था। उस समय एक चरवाहे को दुर्गा माता ने गाय चराते समय दर्शन दिए। तभी से यहां पूजा अर्चना की जाती है। मिट्टी के टीले से बने सिद्ध पीठ पर न तो कोई मंदिर बना हुआ है और न ही कोई छत है।
हैरत की बात ये है कि सैकड़ों वर्ष से उक्त मिट्टी का टीला ज्यों का त्यों बना हुआ है। आंधी व बारिश का भी उस पर प्रभाव नहीं हुआ। उधर मेले में उमड़ी भारी भीड़ के कारण अव्यवस्थाओं का बोलवाला रहा।
गर्मी में नूरपुर से गांव तक जाने के लिए वाहन चालकों ने मनमाने पैसे वसूले। ग्रामवासियों ने श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था की थी, लेकिन वह पर्याप्त नहीं रही तथा महिला व बच्चे पानी के लिए परेशान रहे।