कहा कि नई पेंशन व्यवस्था से निजीकरण -पूंजीवाद को मिलेगा बढ़ावा
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर (बिजनौर)। नगीना सांसद गिरीश चंद्र ने लोकसभा के शीतकालीन सदन में कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को लागू करने का मुद्दा उठाया। कहा कि एक जनवरी 2004 के बाद देश में नियुक्त 70 लाख से अधिक शिक्षक, कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था से वंचित कर शेयर बाजार पर आधारित नई पेंशन व्यवस्था के अंतर्गत ला दिया गया है। इसमें किसी का भी हित नहीं है। उन्होंने पहले की तरह से पुरानी व्यवस्था को लागू करने की मांग की है।
मंगलवार को सांसद गिरीशचंद्र ने सदन में कहा कि नई पेंशन से निहित वर्तमान समय में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को मात्र 850 रुपए से 1243 तक की पेंशन दी गई है। इस कारण सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक और कर्मचारी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। पुरानी पेंशन देश के कार्मिकों का संवैधानिक हक है। आज सरकारी विभागों को निजी हाथों में सोप जा रहा है, जो देश की अर्थव्यवस्था और योग्य युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के लिए घातक सिद्ध होगा।
कहा कि नई पेंशन व्यवस्था, निजीकरण-पूंजीवाद को बढ़ावा देने वाली व्यवस्था है। नई पेंशन व्यवस्था एवं निजीकरण के प्रति देश के शिक्षकों और कर्मचारियों में अत्यंत असंतोष है। 70 लाख से अधिक शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों के भविष्य की आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा के लिए पुरानी पेंशन योजना को लागू किया जाना चाहिए।