बिजनौर में नहटौर के विधायक ओमकुमार के भाजपा में शामिल होने से बसपा को करारा झटका लगा है। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिले में सियासत गरमा गई है।
नजीबाबाद के विधायक तसलीम अहमद ने सबसे पहले बसपा से अलग होने की आवाज बुलंद की। तसलीम अहमद ने बसपा का दामन छोड़कर सपा का दामन थाम लिया। इसके बाद नूरपुर क्षेत्र के दिग्गज पूर्व मंत्री यशपाल सिंह अपने बेटे आयुष चौहान के साथ भाजपा में शामिल हो गए। टिकट नहीं मिलने के कारण दोनों पिता-पुत्र बसपा से खफा थे। अब नहटौर के विधायक ओमकुमार ने भाजपा में शामिल होकर बसपा को करारा झटका दिया है। ओमकुमार की गिनती जिले के बसपा के मजबूत नेताओं में होती थी। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बेवजह ही उनके खिलाफ आवाज बुलंद करनी शुरू कर दी। पार्टी में कुछ लोग ओमकुमार का टिकट कटवाने की मांग करने लगे। ओमकुमार काफी समय से भाजपा नेताओं के संपर्क में थे। वे भाजपा में जाने का रास्ता तलाश रहे थे। मौका मिलते ही ओमकुमार ने सोमवार को लखनऊ में भाजपा का दामन थाम लिया। इससे बसपा में खलबली मच गई। जिले में बसपा से टिकट नहीं मिलने के कारण काफी लोग खफा चल रहे हैं।
बसपा के कई और दिग्गजों की पार्टी को छोड़ने की उम्मीद है। बसपा का बिखर रहे कुनबे को संभालने की पार्टी के नेताओं की हर रणनीति फेल होती जा रही है। पार्टी से जाने वाले नेताओं को रोकने में बसपा के नेता नाकाम है। बसपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह के मुताबिक गद्दारों के पार्टी से जाने से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
भाजपा को मिलेगी संजीवनी
विधायक ओमकुमार के भाजपा में शामिल होने से नहटौर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा को संजीवनी मिलेगी। ओमकुमार के भाजपा में शामिल होने से पार्टी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी। नहटौर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के पास कोई कद्दावर नेता नहीं था। पार्टी के नेता सुभाष वाल्मीकि , रचनापाल, सरदार कूडे़ सिंह व दुष्यंत सिंह, पूर्व विधायक ओमप्रकाश, प्रीतम सिंह नहटौर विधानसभा सीट से भाजपा का टिकट लेने वालों की लाइन में थे। पार्टी के नेता किसी मजबूत प्रत्याशी की तलाश में थे। बसपा के विधायक ओमकुमार पर भाजपा नेता कापी समय से डोरे डाल रहे थे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक ओमकुमार को नहटौर से चुनाव लड़ाने का भरोसा दिया जा रहा था। ओमकुमार के भाजपा में आने से भाजपा की चुनाव लड़ाने की समस्या दूर हो गई है। ओमकुमार के रूप में भाजपा को मजबूत नेता मिल गया है। भाजपा में उनके आने से पार्टी को जिले में संजीवनी मिलेगी। उधर, विधायक ओमकुमार के मुताबिक बसपा के कोआर्डिनेटर आए दिन उनका उत्पीड़न कर रहे थे। उन्हें परेशान किया जा रहा था। कोआर्डिनेटर की हरकतों की वजह से ही उन्हें बसपा छोड़नी पड़ी है। बसपा में किसी को सम्मान नहीं दिया जा रहा है।
निष्कासित बसपाइयों की शीघ्र वापसी
विधायक ओम कुमार और बसपा कार्यकर्ताओं के बीच हुए टकराव में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सहित पांच लोगों का निष्कासन शीघ्र ही वापस होगा। विधायक ओम कुमार के भाजपा में शामिल होने के बाद निष्कासित लोग बसपा में दोबारा से शामिल होंगे। विधायक ओमकुमार पर कुछ दिन पूर्व दलित विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कुछ बसपा कार्यकर्ता लामबंद हो गए थे। इसके चलते बसपा नहटौर विधानसभा अध्यक्ष नरेश फौजी, विपिन, शौकत प्रधान, गजराज सिंह, नरेश कुमार को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। अब विधायक ओम कुमार के भाजपा में शामिल होने से निष्कासित हुए कार्यकर्ताओं रास्ता खुल गया है। विधायक के विरोधी दल में भी खुशी का माहौल बना हुआ है। बसपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह का कहना है कि निष्कासित कार्यकर्ताओं की शीघ्र वापसी की जाएगी।