बिजनौर में बसपा ने नजीबाबाद विधानसभा सीट से इंजीनियर मौअज्जम खां का टिकट काट दिया है। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जमील अहमद पर दांव खेला है। जमील का टिकट मिलने से उनके समर्थक गदगद हैं। सपा से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने पाला बदलकर बसपा का दामन थाम लिया। बसपा का टिकट हथियाने में कामयाब रहे।
बसपा ने जिले की सभी विधानसभा सीटों पर पहले ही अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी थी। बिजनौर से रशीद अहमद छिद्दू, नहटौर से विवेक कुमार , नगीना से वीपी सिंह, धामपुर से मोहम्मद गाजी, बढ़ापुर से फहज यजदानी ,चांदपुर से इकबाल ठेकेदार ,नूरपुर से गौहर इकबाल व नजीबाबाद से इंजीनियर मौअज्जम खां को प्रत्याशी बनाया था। नजीबाबाद सीट से बसपा के विधायक तसलीम अहमद ने पाला बदलकर सपा का दामन थाम लिया था। तसलीम अहमद को सपा ने नजीबाबाद से टिकट दे दिया है। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष जमील अहमद भी नजीबाबाद सीट से सपा का टिकट मांग रहे थे। जमील अहमद सपा की विधायक रूचिवीरा के पाले में थे।
रूचिवीरा का विरोधी खेमा जमील अहमद को टिकट देने का विरोध कर रहा था। इस पर जमील अहमद ने प्छिले दिनों सपा से पाला बदलकर बसपा का दामन थाम लिया। बसपा से टिकट हथियाने में जमील अहमद कामयाब हो गए। खुद जमील अहमद ने नजीबाबाद से बसपा का टिकट मिलने की पुष्टि की है। वहीं मौअज्जम खां का टिकट काटे जाने से नाराज समर्थकों ने अदब सिटी में जमील अहमद अंसारी के विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका। प्रदर्शन में रविदास सभा के ब्लॉक अध्यक्ष सुभाषचंद्र, सुरेंद्र कुमार, मो.अच्छन, प्रमोद, हरप्रसाद, प्रवीण, इफ्तखार, विशेष, जावेद, निर्देश देवी सहित अनेक बसपाई शामिल थे। उन्होंने मन और विचार से सपाई को प्रत्याशी घोषित करने के पार्टी के निर्णय को दलित विरोधी बताते हुए मुअज्जम खां को दोबारा प्रत्याशी घोषित करने की मांग की। समर्थकों का कहना है कि मौअज्जम खां काफी समय से पार्टी के लिए काम किया लेकिन चुनाव के समय उन्हें टिकट न देकर सही फैसला नहीं लिया गया।