साढे़ आठ बीघा जमीन के लिए भाई को मार डाला
बिजनौर। साढ़े आठ बीघा जमीन की खातिर एक युवक ने दो साथियों के साथ मिलकर छोटे भाई की हत्या कर डाली। हत्या से पहले उसे खूब शराब पिलाई और फिर गला घोंट दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मंडावली थाना क्षेत्र के गांव रामनगर के जंगल में 20 मई को अज्ञात शव पड़ा मिला था। जिसकी शनाख्त 20 वर्षीय लवी पुत्र स्वर्गीय शूरवीर सिंह निवासी गांव रसीदपुर गढ़ी के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घुटने से मौत होना पाया गया। मृतक के दादा की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी।
सोमवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि हत्यारोपी शोभित पुत्र स्व. शूरवीर निवासी रसीदपुर गढ़ी, वासु उर्फ यश कुमार पुत्र राजेंद्र निवासी रामपुर बकली और गजेंद्र पुत्र महेंद्र निवासी ताहरपुर थाना हल्दौर को गिरफ्तार किया गया। है। पुलिस की पूछताछ में शोभित ने बताया कि उसके हिस्से में साढ़े आठ बीघा जमीन थी और इतनी ही जमीन उसके भाई लवी के पास थी। शोभित ने अपने हिस्से की जमीन को काफी समय पहले बेच दिया था और सारा पैसा मौज मस्ती तथा शराब पीने में उड़ा दिया।
अब उसकी आर्थिक स्थिति खराब हुई तो आरोपी ने अपने भाई लवी की हत्या करने का प्लान बनाया। हत्या के पीछे मकसद लवी के हिस्से की साढ़े आठ बीघा जमीन हड़पना था। शोभित ने अपने साथी वासु और गजेंद्र के साथ मिलकर साजिश रची। जिसके तहत 19 मई की शाम कार से अपने भाई लवी को हरिद्वार घुमाने ले गया। लकड़ाहन नदी के किनारे शराब पी और लवी को भी शराब पिलाई। नशे की हालत में होने पर गमछे से लवी का गला घोंट दिया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। प्रेस वार्ता में एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह, एएसपी देहात राम अर्ज भी मौजूद रहे। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में स्वाट प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र कुमार, निरीक्षक मनोज परमार, जर्रार हुसैन, थानाध्यक्ष नरेंद्र गौड़, एसआई धर्मेंद्र सिंह, मनीष कुमार आदि शामिल रहे।
मोबाइल से हुई शनाख्त
लवी की जेब में मोबाइल फोन बरामद हुआ था, जिसे पुलिस ने बरामद कर चार्ज किया। मोबाइल चार्ज होने पर खोलकर देखा गया और सीडीआर खंगाली। मोबाइल से ही मृतक की शनाख्त हुई। जिसके बाद हत्याकांड की कड़िया खुलती चली गईं। पुलिस सूत्रों के अनुसार शव बरामद होने के अगले दिन ही आरोपी शोभित और अन्य मंडावली थाने पहुंचे। उन्होंने हरिद्वार के रहने वाले किसी व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया। तब तक पुलिस सीडीआर के सहारे काफी कुछ जान चुकी थी। पुलिस ने वह झूठी रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
नशे में डूब जाने तक पिलाते रहे शराब
हत्याकांड को अंजाम देने से करीब पंद्रह दिन पहले से ही साजिश रची जा रही थी। हत्या वाले दिन आरोपियों को लवी को कार में बैठाया और नजीबाबाद की तरफ निकल पड़े। किरतपुर से शराब खरीदी, कार में शराब पीते रहे। इसके बाद नजीबाबाद के पास हाईवे पर बैठकर शराब पी। घटनास्थल पर भी शराब का खाली बोतल, पानी की बोतल और गिलास बरामद हुए थे। पुलिस सूत्रों की मानें तो लवी को तब तक शराब पिलाई गई जब तक वह बेसुध नहीं हो गया।