फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब जिले में अस्पतालों में सुविधाओं की होगी ब्रांडिंग

Mon, 05 Jun 2017 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए प्रदेश के अस्पतालों की सुविधाओं की ब्रांडिंग की जाएगी। ब्रांडिंग होने के बाद अस्पतालों में मरीजों को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए अस्पतालों में कलर कोडिंग और बैनर लगाए जाएंगे।      
विज्ञापन

एनएचएम, यूनीसेफ व न्यू कांसेप्ट द्वारा प्रदेश के 75 जिलों के 1285 अस्पतालों में सुविधाओं की ब्रांडिंग की जाएगी। इस योजना में जिले के 19 अस्पताल चिह्नित किए गए है। मरीजों को अस्पताल आने का तीन किलोमीटर पहले से ही पता चल जाएगा, क्योंकि अस्पताल से तीन किलोमीटर पहले से ही अस्पताल के संकेतक लगे होंगे।

इसमें अस्पताल का मुख्य गेट पीले रंग का होगा। अस्पताल भवन में सूचना बोर्ड लगा होगा, इसमें कक्ष नंबर व कलर कोडिंग के साथ अस्पताल की जानकारी होती। इन अस्पतालों में कमरा नंबर के साथ कलर कोडिंग भी की जाएगी, इससे अनपढ़ मरीजों को भी चिकित्सक या अन्य सुविधाओं का कक्ष ढूंढने में परेशानी नही होगी। अस्पतालों में बैनर लगे होंगे। सभी बीमारी व उनके इलाज की भी जानकारी दी जाएगी। योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ एनएचएम डा.रोहताश सिंह होंगे। इसके लिए 12 जून को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी।      
विज्ञापन


एसीएमओ डा.रोहताश ने बताया कि एनएचएम योजना की निगरानी करेंगी। यूनीसेफ योजना का प्रचार प्रसार तथा न्यू कांसेप्ट इसके लिए अधिकारियों को ट्रेनिंग देंगे। जल्द ही 19 अस्पतालों की कलर कोडिंग की जाएगी।      
क्या है कलर कोडिंग      
न्यू कांसेप्ट की प्रदेशीय ट्रेनर हरप्रीत कपूर ने बताया कि जो मरीज अनपढ़ होते हैं, उनको कलर कोडिंग से पहचान कराई जाएगी। चिकित्सक कक्ष, एक्सरे कक्ष, दवाई कक्ष, लैब कक्ष, टीकाकरण कक्ष व अन्य सुविधाओं के लिए कलर कोड तैयार किया गया है। सूचना बोर्ड पर ही कक्ष नंबर के साथ कलर कोड डाला जाएगा, इससे अनपढ़ मरीज आसानी से कक्षों तक पहुंच सकते हैं।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें