बिजनौर के ग्राम ब्रह्मपुरी में नाव से जाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
मंडावर में गांव ब्रह्मपुरी में घुसे गंगा और मालन के पानी का स्तर शनिवार रात को और बढ़ गया। आधे से ज्यादा गांव में तीन फीट तक पानी भरा है। गांव वाले आने-जाने के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं। रावली में मालन नदी के रपटे पर भी पानी बह रहा है। कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।
गांव रावली के पास वाले रपटे पर रविवार सुबह पानी चलना शुरू हो गया। धीरे-धीरे पानी का स्तर बढ़कर तीन फीट तक चला गया। इस रपटे पर पानी भरने से गांव इनामपुरा, मो. देवमल, रावली, शहजादपुर, मो. सुजान, खानसापुर, वजीदपुर आदि गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। जरूरत पड़ने पर आने-जाने वाले गांव वाले नाव से रपटा पार कर रहे हैं। गांव ब्रह्मपुरी में भी भरा पानी शनिवार रात को और बढ़ गया।
रविवार को गांव में तीन फीट तक पानी भर गया। गांव के सुरेश, राहुल, सूरज, ब्रह्मपाल सिंह, भीष्म सिंह, नौबहार सिंह, चंद्रपाल आदि के अनुसार बरसात में हर साल गंगा और मालन का पानी घरों में भरना उनकी नियति बन गई है। कोई भी सरकार या अधिकारी उनकी हालत नहीं देखता। मध्य गंगा बैराज के एक्सईएन एसएस गिरि के अनुसार गंगा में इस समय 1.28 लाख क्यूसेक पानी चल रहा है। उधर, नगीना में तहसीलदार ने खो नदी से प्रभावित गांव भवानीपुर के लोगों को बाढ़ से बचाव संबंधी जानकारियां दीं और बाढ़ से बचाव संबंधी किट प्रधान को सौंपी। तहसीलदार ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने बच्चों को खो नदी के पास न जाने दें।