नजीबाबाद। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति और बार एसोसिएशन ने किसान आंदोलन को न्यायोचित बताते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम और तहसीलदार को सौंपा। अधिवक्ता भारत बंद के समर्थन में कार्य से विरत रहे।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष अमन सिंह, जिला सचिव नरेश कुमार, बाबूराम, लोकेंद्र सिंह एड., ऋषिपाल सिंह, जितेंद्र सिंह, बलराम सिंह के नेतृत्व में समिति की ओर से एसडीएम बृजेश कुमार सिंह को किसान आंदोलन के समर्थन में ज्ञापन दिया गया। संघर्ष समिति द्वारा राष्ट्रपति के नाम दिए ज्ञापन में संसद का सत्र बुलाकर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने, खेती के लिए बिजली व पर्यावरण कानून समाप्त करने, एमएसपी को किसान हित में तब्दील करने सहित कई मांगें शामिल थीं।
उधर बार एसोसिएशन नजीबाबाद के अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह और महासचिव फहीम अहमद के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने किसान आंदोलन के समर्थन में कामकाज ठप रखकर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने सरकार को किसान और आमजन विरोधी बताते हुए जमकर नारेबाजी की।
तहसीलदार राधेश्याम शर्मा को सौपें ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने सरकार से किसानों की भावनाओं से खिलवाड़ न करने, तीनों कृषि कानून वापस लेने, महंगाई और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन में सुल्तान अहमद, सुभाष चंद, अमरीक सिंह, अजय सिंह, सुहेल खान, शराफत हुसैन, जावेद इकबाल, निखिल तिवारी सहित अनेक अधिवक्ता शामिल रहे।