बिजनौर। महान संत कबीरदास की 622वीं जयंती कोरोना संक्रमण के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सादगी से मनाई गई। संत कबीर दास के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।
डा.बिजेंद्र सिंह ने कहा कि संत कबीरदास की रचनाओं से समाज को एकता की सीख मिलती है। उन्होंने सभी से मुंह पर मास्क लगाकर रहने व लॉकडाउन का पालन करने का आह्वान किया। संजीव भुईयार ने कहा कि संत कबीरदास पाखंड, कुरीतियों, धर्मांधता, छुआछूत व अंधविश्वास के विरोधी थे। सर्वसमाज संत कबीरदास के आदर्शों को अपनाकर समाज के उत्थान के लिए काम कर सकता है। कामेंद्र सिंह ने कहा कि संत कबीरदास सादा जीवन उच्च विचार के प्रबल समर्थक रहे हैं। राजेंद्र कुमार ने कहा कि उनके ग्रंथों में हजारों वाणियों का संग्रह है। कार्यक्रम में मनीराम भुईयार, राजीव भुईयार, रीता सिंह आदि मौजूद रहे।