नगीना। विभिन्न पार्टियों के तमाम बड़े दिग्गज नेताओं द्वारा अपनी पार्टी के नेताओं व जनप्रतिनिधियों को चुनाव से पहले बूथ जीतने का गुर सिखाने का लाभ चुनाव परिणाम में दिखाई नहीं दिया। इसलिए विभिन्न पार्टियों के बड़े नेता भी अपने बूथ को हारते हुए नजर आए। भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री के गांव वाले बूथों पर भी भाजपा प्रत्याशी पिछड़ते हुए दिखाई दिए।
नगीना के ग्राम बेगमपुर हर्रे उर्फ हुर्रनगला निवासी भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह के गांव के दोनों बूथों पर भाजपा प्रत्याशी ओम कुमार पिछड़े हुए दिखाई दिए। बूथ नंबर 382 पर जहां भाजपा प्रत्याशी ओम कुमार को 223 मत प्राप्त हुए वहीं सांसद बने चंद्रशेखर को 400 मत मिले। जबकि सपा को 14, बसपा को सिर्फ 11 वोट ही हासिल हुए। इसी तरह इसी गांव के दूसरे बूथ नंबर 383 पर भाजपा प्रत्याशी को 185 मत मिले तो इसके सापेक्ष सांसद बने चंद्रशेखर को 281 वोट हासिल हुए। जबकि सपा को 15 व बसपा को चार मत मिले।
भाजपा प्रदेश संगठन के महत्वपूर्ण ताकतवर पद पर बैठे नेता के गांव में पार्टी प्रत्याशी का पिछड़ना बूथ प्रबंधन की विफलता को दर्शाता है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा प्रत्याशी ओम कुमार भले ही अपने बूथ को जीतने में कामयाब हो गए लेकिन उनके बूथ पर चंद्रशेखर की पार्टी ने जमकर बड़ी सेंधमारी की, जो पार्टी संगठन के लिए तमाम सवाल खड़े करती है। उनके बूथ नंबर 206 पर जहां उन्हें 460 मत मिले वही चंद्रशेखर 294 वोट लेने में कामयाब हो गए। यहां सपा को 16 व बसपा को चार वोटों से संतोष करना पड़ा। दूसरी तरफ प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री रहे एमएलसी अशोक कटारिया अपने बूथ को भारी मतों से जीतने में कामयाब दिखे।
उनके बूथ नंबर 354 पर पार्टी प्रत्याशी ओम कुमार को 628, सपा को चार व चंद्रशेखर की पार्टी को मात्र 30 वोट मिले। बसपा प्रत्याशी को यहां कोई मत प्राप्त नहीं हुआ। नगीना से भाजपा के पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य लवकुश कुमार अपने बूथ को जीतने में कामयाब दिखाई दिए। उनके बूथ नंबर 245 पर भाजपा प्रत्याशी ओम कुमार को 317 मत मिले, जबकि सपा को 87, बसपा को 26 व चंद्रशेखर को 274 वोट प्राप्त हुए।