फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना को हराने वालों का रक्त करेगा संक्रमण की काट

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना को हराने वालों का रक्त करेगा संक्रमण की काट
विज्ञापन

बिजनौर। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से एक अक्तूबर को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सुबह नौ से दोपहर दो बजे तक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। अमर उजाला फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग सभी रक्तदाताओं से अपील करता है कि वे अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने के लिए जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में पहुंचे, लेकिन कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करें।
एक रक्तदान बचाए चार जान। यह नारा केवल सामान्य रोगियों के लिए ही नहीं, बल्कि कोरोना के मरीजों के लिए भी सटीक बैठता है। जिला ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. संजय कुमार शंकर बताते हैं कि कोरोना को हराने वाले एक व्यक्ति के शरीर से निकाले गए खून से कोरोना पीड़ित चार अन्य लोगों का इलाज किया जा सकता है। प्लाज्मा थेरेपी सिस्टम इस धारणा पर काम करता है कि जो मरीज किसी संक्रमण से उबर कर ठीक हो जाते हैं, उनके शरीर में वायरस के संक्रमण को बेअसर करने वाले प्रतिरोधी एंटीबॉडीज विकसित हो जाते हैं। इसके बाद उस वायरस से पीड़ित नए मरीजों के खून में पुराने ठीक हो चुके मरीज का खून डालकर इन एंटीबॉडीज के जरिये नए मरीज के शरीर में मौजूद वायरस को खत्म किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एक बार में एक व्यक्ति का लगभग 350 मिलीग्राम खून लिया जाता है। इस खून में लाल, श्वेत रक्त कणिकाएं, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स, क्रायो (अधिक रक्त स्राव को रोकने के लिए दिया जाने वाला भाग) शामिल होते हैं। आमतौर पर प्लाज्मा का इस्तेमाल जले हुए रोगियों के लिए होता है। रक्त के लगभग आधे से अधिक भाग में प्लाज्मा तरल होता है, जबकि शेष में अन्य सम्मिलित रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रक्तदान कर बनें महादानी
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. ज्ञानचंद ने सभी रक्तदाताओं से कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन कर ही ब्लड बैंक में आकर रक्तदान करने की अपील की है। कोरोना को परास्त करने वाले जो लोग स्वेच्छा से प्लाज्मा देना चाहते हैं तो वे केवल व्हाट्सएप के माध्यम से 9719227629 पर अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि जानकारी का पंजीकरण करा सकते हैं। अमर उजाला फाउंडेशन अब तक कोरोना से ठीक हुए जिले के लोगों से अपील करता है कि प्लाज्मा डोनेट कर एक व्यक्ति चार मरीजों की जान बचा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें