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काली पट्टी बांध किया प्रदर्शन  

Wed, 08 Nov 2017 11:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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काली पट्टी बांधकर विरोध जताते कांग्रेसी। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में रालोद पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने नोटबंदी के एक साल होने पर इसे काला दिवस बताते हुए काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिशिर कुमार को देते हुए केंद्र सरकार से इस्तीफा लेकर दोबारा चुनाव कराने की मांग की गई। 
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पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट में बांहों पर सिर पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। ज्ञापन में बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा नोटबंदी का फैसला बिना सोचे समझे किया गया था। इसका जो मकसद देश को बताया गया था वह भी पूरा नहीं हुआ। काले धन वालों को पकड़ा नहीं गया है। नोटबंदी से देश की जनता व आम नागरिकों को भारी आर्थिक हानि हुई है। छोटे व्यापारियों का व्यापार समाप्त हो गया और बेरोजगारी बढ़ गई। बैंकों में लाइन में लगने से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई। फायदा होने के बजाए उल्टे देश की विकास दर गिर गई और आतंकवाद पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा। कहा कि नोटबंदी से देश 50 साल पीछे चला गया है। इस दौरान जिलाध्यक्ष अशोक चौधरी, पूर्व सांसद मुंशीराम पाल, ब्रजवीर सिंह, हरपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, मुफीज आलम, महिला जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी, मास्टर इंद्रमणि, महबूब अहमद, पूनम चौधरी, महेंद्रपाल सिंह आदि मौजूद रहे।

कांग्रेस ने नोटबंदी को बताया काला दिवस 
फोटो 2 
बिजनौर। कांग्रेस ने नोटबंदी को काला दिवस मनाते हुए कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने इसे दमनकारी नीति बताया। 
पार्टी कार्यालय पर हुई बैठक में जिलाध्यक्ष बाबू डूंगर सिंह ने कहा कि नोटबंदी के दौरान देश की जनता के हर वर्ग को परेशानी उठानी पड़ी। सभी उद्योग धंधे ठप हैं। बैंक की लाइन में सैकड़ों लोगों की मौत हो गई। आज तक देश की जनता नोटबंदी से परेशान है। कहा कि भाजपा देश में बुरी तरह फ्लाप हो चुकी है। उन्होंने पदाधिकारियों से निकाय चुनाव में पार्टी के सभी प्रत्याशियों को पूरे जी जान से चुनाव लड़ाने का आह्वान किया। पार्टी विरोधी काम करने वालों के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। संचालन नजाकत अलवी ने किया। इसके बाद कांग्रेसी बांहों पर काली पट्टी बांधकर कलक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिशिर कुमार को देते हुए नोटबंदी के दौरान मरे नागरिकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देने व केंद्र सरकार को बर्खास्त करने की मांग की गई। इस दौरान पूर्व विधायक सतीश कुमार, मीनू गोयल, विक्रम सिंह, सुधीर पाराशर, मुनीश त्यागी, प्रदीप ठाकुर, शेर सिंह, उमराव सिंह, अनीस अंसारी आदि मौजूद रहे। 
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