बिजनौर में गन्ना रेट बढ़वाने की मांग को लेकर किसान एक फरवरी से बेमियादी सड़क जाम करेंगे। इस दौरान शुगर मिलों के बाई प्रोडक्टस को मिलों से बाहर नही निकलने दिया जाएगा। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के अनुसार किसानों ने सरकार के साथ दो दो हाथ करने के लिए कमर कस ली है। अब इसका फाइनल ही होगा।
गन्ना रेट घोषित करने की मांग को लेकर भाकियू की अगुवाई में किसानों ने नौ जनवरी से कलक्ट्रेट में धरना शुरू किया था। इस बीच सरकार ने नए रेट घोषित कर दिए। इसमें सामान्य ,रिजेक्ट और अर्ली प्रजाति के रेट पिछले साल के ही रखे गए। रेट को लेकर भाकियू ने इलाहाबाद में शीतकालीन शिविर मंथन करके धरना स्थगित करने का निर्णय लिया तथा आंदोलन की अगली रणनीति का ऐलान बाद में करने को कहा।
शुक्रवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने रशीदपुर गढ़ी गांव में जिले के पदाधिकारियों की बैठक की। इसके बाद उन्होंने प्रेसवार्ता में बताया कि हिन्दुस्तान में किसानों के लिए दो कानून हैं। हरियाणा में गन्ने का रेट 311 रुपये प्रति कुंतल है।
शुगर मिल मालिक केवल चीनी के पैसे बताते हैं, जबकि मिलों में बनने वाले शीरे, एथेनाल, बिजली से होने वाली आमदनी को कोई जिक्र नही करते हैं।
किसान को 350 रुपये प्रति कुंतल से कम का रेट मंजूर नही है। किसान को एकमुश्त भुगतान चाहिए। इसके लिए एक फरवरी से हर जिले को जोड़ने वाली सड़कों पर बेमियादी जाम लगाएंगे। मांग पूरी होने तक किसान का घर सड़क पर होगा। शुगर मिल जो बाई प्रोडक्ट बना रहे हैं। उन्हें बिक्री के लिए मिलों से बाहर नही निकलने दिया जाएगा। किसानों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंह के अनुसार जिले में चार जगह धरना होगा। स्थानों का चयन एक दो दिन में कर लिया जाएगा। महासचिव दिगंबर सिंह, मंडल मीडिया प्रभारी होशियार सिंह, लुधियान सिंह, चौधरी हुकम सिंह, ओमपाल सिंह मौजूद रहे।