मांगों को लेकर भाकियू जनशक्ति ने किया प्रदर्शन
नजीबाबाद। किसान यूनियन जनशक्ति ने कृषि कानून रद्द कराने सहित कई मांगों को लेकर तहसील में धरना दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
भाकियू जनशक्ति के जिलाध्यक्ष डा. नरपाल सिंह के नेतृत्व में किसानों ने शुक्रवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार की किसान मजदूर विरोधी नीतियों की आलोचना की। किसानों नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर कृषि उपज और किसानों की समस्याओं के प्रति उदासीन रवैया अपनाने, गन्ना सहित सभी फसलों का वाजिब मूल्य किसानों को न दिलाने और जबरन कृषि कानून थोपने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी किसानों की ओर से एसडीएम को नौ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया। मुख्यमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन में कृषि कानून वापस लेने, गन्ने का बकाया मूल्य ब्याज सहित भुगतान कराने, बिजली बकाया वसूली के नाम पर किसानों का उत्पीड़न बंद करने, स्वामी नाथन रिपोर्ट लागू किए जाने, सभी किसानों का बैंक कर्ज माफ करने, 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने, किसान सम्मान निधि छह हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रति वर्ष करने और किसानों को पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की गई।
भाकियू जनशक्ति के प्रदर्शन में जिला महासचिव अलताफ अहमद, मो. उस्मान, शराफत हुसैन, इफ्तिखार अहमद, आबिद हुसैन, नूरशाह, कुलदीप कुमार, नीरज कुमार, मो. अख्तर, विशेष राजपूत, नसीम अहमद, मो. आबिद, तौकीर अहमद सहित कई किसान शामिल रहे।