बिजनौर के हल्दौर में भाकियू ने बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन को तेज कर दिया है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को धरना प्रदर्शन कर सुबह झालू रेलवे स्टेशन पर गढ़वाल एक्सप्रेस को रोक लिया।
किसान रेलवे लाइन पर लेट गए। कई घंटे तक समस्या का कोई समाधान नहीं निकलने पर ट्रेन को वापस हल्दौर रवाना कर दिया गया। बिलाई शुगर मिल के अधिकारी और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। शाम को एडीएम वित्त एवं राजस्व से समझौता वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त हो गया।
भाकियू ने मंगलवार की सुबह करीब 11बजे कस्बा झालू के रेलवे स्टेशन के निकट बकाया गन्ना भुगतान समेत कई मांगों को लेकर महापंचायत बुलाई थी। मांग पूरी नहीं होने से खफा होकर किसानों ने रेलवे लाइन पर कब्जा जमा लिया।
किसानों ने दिल्ली से कोटद्वार जा रही गढ़वाल एक्सप्रेस को रोक लिया। किसान रेलवे लाइन पर लेट गए । रेलवे अधिकारी और पुलिस ने किसानों को लाइन से हटाने का प्रयास किया। किसान इसके लिए तैयार नहीं हुए।
इस दौरान प्रदेश महासचिव राजेंद्र सिंह ने कहा कि निर्धारित गन्ना मूल्य 280 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिलाई शुगर मिल पर किसानों का 144 करोड़ रुपये बाकी है। जनपद की सभी मिलों पर यह बकाया राशि 565 करोड़ है।
बकाया गन्ना भुगतान न होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। किसान कर्ज में डूबने लगे हैं। मांग पूरी होने तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।
ट्रेन रुकने के कारण यात्री अपने गंतव्य स्थान की ओर अन्य साधनों से रवाना हुए। चालक करीब चार घंटे बाद ट्रेन वापस हल्दौर ले गया। एसडीएम सदर अजय तिवारी, जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह, सीओ सदर रामानंद कुशवाहा व अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
किसानों को उनकी समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया, पर किसान नहीं माने। बाद में बिलाई शुगर मिल अधिकारी जीएम केन अनिल चौहान मौके पर पहुंचे और गन्ने का बकाया भुगतान को लेकर किसानों से वार्ता की।
अधिकारी ने कहा कि वह किसानों को 230 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से तीन करोड़ 29 लाख का भुगतान देना चाहते थे, पर किसान 280 रुपये के हिसाब से कम का भुगतान लेने को तैयार नहीं थे।
दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। समस्या का समाधान नहीं होने के कारण वार्ता विफल हो गई। प्रदर्शन की अध्यक्षता मूला सिंह फौजी और संचालन विरेंद्र सिंह ने किया।
धरने परं गिरिराज सिंह, महावीर सिंह, घनश्याम सिंह, युवराज सिंह, विजेंद्र चौहान, मंगल सिंह, राकेश कुमार, सागर सिंह, मणिराम, कुदरत तुल्ला अंकुर आदि मौजूद रहे। किसान शाम तक रेलवे लाइन पर धरना दिए बैठे रहे।
शाम को अफसरों व किसानो के बीच फिर से वार्ता शुरू हुई। देर शाम किसानों का धरना एडीएम वित्त व राजस्व रमेश चंद्र से वार्ता के बाद समाप्त हो गया। तय हुआ कि बिलाई शुगर मिल बुधवार को 12 करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान करेगी। आठ हजार बोरे चीनी रोज बेचकर किसानों के गन्ने का भुगतान किया जाएगा।