बिजनौर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता।
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बिजनौर में धान खरीद, गन्ना मूल्य भुगतान समेत अन्य कई समस्याओं को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में डीएम और एसएसपी से वार्ता होने पर कार्यकर्ता धरने से उठे।
भाकियू पदाधिकारी और किसान पहले गन्ना विकास समिति परिसर में इकटठा हुए। वहां करीब एक घंटे तक पंचायत चली। इसके बाद किसान नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने लगातार आंदोलन के बावजूद किसान और आम लोगों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
इस बीच, एडीएम प्रशासन राममूर्ति मिश्रा ने किसानों को संदेश भिजवाया कि वे मांगपत्र उन्हें सौंप दें। लेकिन किसानों ने उन्हें मांगपत्र देने से इंकार कर दिया।
जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह ने दो टूक कहा कि अब वार्ता डीएम और एसपी से ही होगी। इससे कम पर वह तैयार नही है। यदि डीएम व एसपी किसानों से वार्ता नही करेंगे तो बेमियादी धरना शुरू कर दिया जाएगा। यह सुनकर प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। डीएम जगतराज ने भाकियू नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया। करीब 45 मिनट तक किसान नेताओं से डीएम की विभिन्न बिंदुओं पर बातचीत हुई। जिलाध्यक्ष के अनुसार डीएम ने किसानों को भरोसा दिया है कि खनन और धान खरीद को लेकर किसानों को परेशान नहीं किया जाएगा। गन्ने का रेट निर्धारण तथा बकाया ब्याज दिलवाने के मामलों को शासन को भेजा जाएगा। इसके बाद किसानों की समस्याएं दूर हो सकेंगी। इस आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया। वार्ता में जिलाध्यक्ष रामऔतार सिंह, महासचिव दिगंबर सिंह, विजयपाल सिंह,धर्मवीर सिंह धनकड़, सुरपाल समेत अन्य किसान नेता रहे।