पत्रकारों से वार्ता करते रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजित सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने कहा कि भाजपा लोगों को लड़ा रही है। काठ की हंडिया एक बार चढ़ती है, बार-बार नहीं। जनता अब भाजपा के बहकावे में आने वाली नहीं है। जन संवाद के माध्यम से वह लोगों का दिल जोड़ने के लिए निकले हैं।
मंगलवार को डाक बंगले पर पत्रकार वार्ता में अजित सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी जनसंवाद यात्रा शामली से शुरू की है। वह सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए निकले हैं। कहा कि मेरठ और मुजफ्फरनगर का दंगा भाजपा की समाज तोड़ नीति का ही नतीजा है। भाजपा जिन राज्यों में है वहां हर मोर्चे पर फेल है। किसान बर्बाद हो गया है। युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। अब तो रामनवमी के पर्व पर भी खुले आम हथियारों के साथ दंगे हो रहे हैं। कहा कि किसानों का गन्ना मिलों द्वारा नहीं लिया जा रहा है। गन्ना पर्ची नहीं मिल रही हैं। जबकि भाजपा ने लोकसभा चुनाव में किसानों को भरोसा दिया था कि स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू किया जाएगा। लेकिन बिजली और डीजल के रेट बढ़ा दिए गए।
उन्होंने कहा कि दलितों को आजादी के 70 साल बाद भी बराबरी का हक नहीं मिला है। भाजपा संविधान में छेड़छाड़ करके लोकतंत्र की हत्या करने में लगी है। कहा कि विपक्ष के एकजुट होने से भाजपा की नींद उड़ी है। कहा कि जिस राज्य में जो क्षेत्रीय दल मजबूत है, वहां उसे बढ़ावा दिया जाए। कहा कि भारत बंद को भाजपा के अतिरिक्त सभी दलों का समर्थन था। कहा कि गंगा की सफाई के नाम पर भाजपा करोड़ों रुपये डकार गई है। स्वच्छता अभियान में शौचालय बने हैं, परंतु उनकी सफाई के लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं की गई है।
विकास के लिए प्रदेश का विभाजन जरूरी
अजित सिंह ने कहा कि उत्तरप्रदेश बड़ा राज्य है। विकास के लिए प्रदेश का विभाजन जरूरी है। हरित प्रदेश का मुद्दा उन्होंने उठाया था, वह आज भी है। पश्चिमी उत्तरप्रदेश अलग राज्य बनकर रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश सबसे अधिक राजस्व अदायगी करता है। इसके बाद भी वेस्ट यूपी का विकास शून्य है। उन्होंने पश्चिमी उत्तरप्रदेश में हाईकोर्ट स्थापना की पैरवी की है। रालोद नेता बिजनौर को एनसीआर में शामिल करनेे के पक्षधर हैं। इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, पश्चिमी उत्तरप्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी, नरेंद्र खजूरी, राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील रोहटा, राजकुमार सांगवान, ब्रजवीर सिंह, अजीत राठी, राजेंद्र चिकारा, राहुल देव जिलाध्यक्ष मेरठ, पप्पू गूजर, राहुल सिंह, जिलाध्यक्ष बिजनौर अशोक चौधरी, मुनिदेव शर्मा, ज्ञानेंद्र चिकारा, पूनम चौधरी आदि मौजूद रहीं।
गैर भाजपा दलों से गठबंधन को हवा दे गए अजित सिंह
बिजनौर। रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह अपने दो दिन के बिजनौर प्रवास के दौरान गैर भाजपा दलों के साथ गठबंधन को हवा दे गए। अजित सिंह ने जाटों की नब्ज टटोलकर देखा कि भाजपा का कितना रंग अभी उनके ऊपर चढ़ा है। वादा किया कि किसी सूरत में भविष्य में भाजपा के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। चाहे इसके लिए उन्हें चुनाव से ही दूर क्यों न रहना पड़े। वेस्ट यूपी में फिर से चौधरी चरण सिंह के जाट-मुस्लिम गठजोड़ को कायम करने की अजित सिंह ने भरपूर कोशिश की।
रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह जनता से सीधा संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर बिजनौर आए थे। डाक बंगले में वह हर बिरादरी के लोगों के साथ वकीलों, शिक्षकों व बैंक कर्मचारियों से मिले। सबकी उन्होंने राय ली। मालूम किया कि फिर से पार्टी को पुराने रंग में लाने के लिए क्या करने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने बुजुर्ग व युवा जाटों की खूब नब्ज टटोली । देखा कि उन पर अब भी भाजपा का कितना रंग चढ़ा है। भाजपा ने जाटों को अब तक क्या दिया इसका उन्होंने जाटों के सामने खूब बखान किया। हिदायत दी कि जाट भाजपा से दूर रहें। अजित सिंह ने कहा कि वह अब तक किसी भी भाजपा नेता से गठबंधन के लिए नहीं मिले हैं। उनके बारे में बस अफवाहें फैलाई जाती रही हैं।
अजित सिंह ने भाजपा विरोधी दलों के साथ गठबंधन के लिए भी हामी भर दी। कहा कि वक्त को देखते हुए राजनीति में ऐसे गठबंधन अब जरूरी हैं। अजित सिंह का सबसे ज्यादा जोर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जमाने के जाट-मुस्लिम गठजोड़ पर रहा। कहा कि अगर यह गठजोड़ दिल से कायम हो जाए तो भाजपा कभी सत्ता में नहीं आएगी। दंगे फसाद भी नहीं होंगे। सब चैन की नींद सोएंगे। उन्होंने लोगों के दिलों से मुजफ्फरनगर दंगे के जख्मों को निकालने की भी कोशिश की। कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे की वजह से ही भाजपा सत्ता में आई थी और अब फिर दंगा कराने की साजिश रच रही है। अजित सिंह ने पार्टी नेताओं को भी राय दी कि जाट-मुस्लिम गठजोड़ को कायम करने के लिए पूरा जोर लगा दो। गांव गांव एक दूसरे के घर जाएं और उन्हें बताएं कि अब दोनों तबकों के लोगों के दिल साफ हैं।
नूरपुर सीट पर प्रत्याशी उतारने की मांग
रालोद नेता अजित सिंह से कई लोगों ने नूरपुर सीट से उपचुनाव में रालोद का प्रत्याशी उतारने को कहा। कहा कि गठबंधन भी होता तो वह यह सीट ले लें। इस सीट पर 20 हजार जाट वोटर हैं। नूरपुर सीट रालोद आसानी से जीता सकती है। अजित सिंह ने लोगों से इस बारे में विचार करने को कहा। पार्टी नेताओं की इस बारे में राय भी ली जाएगी।