भाजपा को मिला दलितों का सहारा
बिजनौर। नहटौर विधानसभा सीट पर लोकदल की हार का कारण जाटों का बंटवारा भी बना। भाजपा के लिए दलित संजीवनी बन गए। दलितों में सेंधमारी करने में भाजपा उम्मीदवार सफल हो गए। जो जाट वर्ग रालोद की तरफ गया, उसकी भरपाई दलितों ने कर दी। वहीं, भाजपा का वोट बैंक पिछड़ा वर्ग भी पार्टी से अलग नहीं हुआ। हालांकि मुस्लिम वर्ग ने पूरी तरह से एक तरफा गठबंधन प्रत्याशी को वोट दिया। मुस्लिमों में कोई बंटवारा नहटौर सीट पर नहीं हो सका। जिसके चलते रालोद उम्मीदवार जीत के बेहद करीब पहुंचे। सिर्फ 258 मतों से ही रालोद प्रत्याशी मुंशीराम पाल चुनाव हार गए। हालांकि नतीजों के आखिरी समय तक भाजपाइयों की सांसे अटकी हुई थी। सिर्फ किस्मत के बल पर ही ओमकुमार भाजपा के टिकट पर तीसरी बार विधायक बनने में सफल रहे। विधायक ओम कुमार को 77935 वोट मिले जबकि मुंशी रामपाल को 77677 मत तथा बसपा की प्रिया सिंह 38020 वोट ही हासिल कर पाई।