भाजपा और गठबंधन प्रत्याशियों ने किया नामांकन
बिजनौर। जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए शनिवार को भाजपा प्रत्याशी साकेंद्र प्रताप सिंह व सपा रालोद गठबंधन की प्रत्याशी चरणजीत कौर ने कलक्ट्रेट पहुंचकर नामाकंन पत्र दाखिल किया। साकेंद्र प्रताप सिंह ने दो व चरणजीत कौर ने एक पर्चा भरा। इसके साथ ही मुकाबला भाजपा और गठबंधन के बीच तय हो गया। दोनों के दावे जीत के हैं, ऐसे में मुुकाबला कांटे का होने की संभावना है।
जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के नामाकंन को लेकर सुबह से सिविल लाइन पुलिस चौकी व विकास भवन के पास बैरियर पर पुलिस तैनात रही। किसी को बेवजह कलक्ट्रेट के अंदर जाने की इजाजत नहीं थी। दिन में करीब 11 बजकर 34 मिनट पर अपनी कार रोडवेज बस स्टैंड के पास खड़ी करके सपा रालोद के नेता गठबंधन की प्रत्याशी चरणजीत कौर को साथ लेकर पहुंचे । सभी को विकास भवन के पास बैरियर पर रोक दिया गया। चरणजीत कौर दोनों प्रस्तावक जिला पंचायत सदस्य कपिल कुमार, विवेक कुमार व अधिवक्ता प्रवीण देशवाल के साथ कलक्ट्रेट पहुंचीं व अपना पर्चा दाखिल किया। गठबंधन की प्रत्याशी के साथ पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश, विधायक मनोज पारस , नईमुललहसान सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, रालोद जिलाध्यक्ष राहुल सिंह, डा. रमेश तोमर, प्रभा चौधरी , महमूद कस्सार समेत कई नेता मौजूद रहे।
दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर भाजपा प्रत्याशी साकेंद्र चौधरी भाजपा नेताओं के साथ सिविल लाइन पुलिस चौकी पहुंचे। वहां पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। सभी नेता पैदल कलक्ट्रेट पहुंचे। परिवहन मंत्री अशोक कटारिया, विधायक ओमकुमार, कमलेश सैनी, पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष सुभाष वाल्मीकि, ऐश्वर्य चौधरी मौसम, दीपक गर्ग मोनू, अफजाल आदि मौजूद रहे। भाजपा नेताओं को प्रशासन ने कलक्ट्रेट के एक कमरे में जाने दिया। प्रत्याशी साकेंद्र चौधरी प्रस्तावकों के साथ पर्चा दाखिल करने डीएम कोर्ट पहुंचे और दो पर्चे दाखिल किए। एक पर्चे में भाजपा की जिला पंचायत सदस्य रमा चौधरी व संजीव चौधरी, दूसरे पर्चे में भाजपा नेता आयुष चौहान व बसपा से चुनाव जीतीं जिलापंचायत सदस्य जेबा अनवर प्रस्तावक रहीं। एक दो भाजपा नेताओं ने नामाकंन के दौरान डीएक कोर्ट में जाने की कोशिश की पर उन्हें रोक दिया गया। जांच में दोनों प्रत्याशियों के पर्चे सही पाए गए ।
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नामांकन से पहले ही झोंक दी ताकत
दोनों की पार्टियों ने नामांकन से पहले ही जिपं सदस्यों को नजरबंद करना शुरू कर दिया है। इस बार यह नजरदबंदी जिले में ही कुछ जगहों पर की गई है। हालांकि कोई इस पर खुलकर तो नहीं बोल रहा, लेकिन कुछ इसे चुनावी पिकनिक का नाम भी दे रहे हैं।
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कांटे का मुकाबला होने की उम्मीद
नामांकन के साथ ही तय हो गया कि बिजनौर जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला कांटे का होने जा रहा है। एक ओर संख्या के आधार पर जीत का दावा है तो दूसरी ओर सत्तापक्ष के नाम पर जात का दावा किया जा रहा है। सूत्रों की माने तो दोनों की पार्टियों के बीच कांटे की टक्कर होने जा रही है। कई ऐसे जिपं सदस्य भी बताए जा रहे हैं जो चुनाव के दिन क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।
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इस तरह समझिए चुनावी गणित
बिजनौर में जिला पंचायत में कुल 56 सीटें हैं। इनमें से 20 सीट सपा, चार रालोद, दो भाकियू अपनी होने का दावा कर रही है। वहीं भाजपा आठ सीटों पर चुनाव जीती है। इसके अतिरिक्त असपा, आठ, बसपा पांच सीटें जीतकर आई थी। अन्य निर्दलीय व अन्य पार्टी के हैं। ऐसे में जीतने के लिए दोनों की दलों को 29 का आंकड़ा पूरा करना होगा। गठबंधन 26 पहले से ही अपने पास होने का दावा जरूर कर रहा है, लेकिन भाजपा गठबंधन के कई जिपं सदस्यों के उनके पाले में आने का दावा कर रही है।
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सपा नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर दिया ज्ञापन
बिजनौर। गठबंधन प्रत्याशी का पर्चा दाखिल कराने आए सपा नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर विकास भवन के पास किसान विरोधी बिल वापस लेने की मांग को लेकर ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को दिया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कहा गया कि किसानों को दिल्ली व देश में आंदोलन करते सात माह हो गए। पर किसानों की मांगों को नहीं माना जा रहा है। सरकार ने जो तीन कृषि बिल लागू किए हैं, वे किसान विरोधी है। तीनों बिलों को वापस लेने की मांग की गई। आरोप लगाया कि जिला पंचायत के अध्यक्ष का चुनाव में धन बल का प्रयोग करके चुनाव जीतने की भाजपा कोशिश कर रही है। तमाम हथकंडे अपनाकर चुनाव जीतने की साजिश रची जा रही है। इस पर रोक लगाई जाए। ज्ञापन देने वालों में विधायक मनोज पारस, नईमुलहसन, पूर्व मंत्री स्वमी ओमवेश, जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, आदित्यवीर समेत कई नेता शामिल रहे।