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प्रवासी पक्षियों के लिए गंगा बैराज पर बनेगा पक्षी विहार

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बिजनौर। प्रवासी पक्षियों को लुभाने के लिए गंगा बैराज पर पक्षी विहार बनाया जाएगा। विदेशी पक्षियों के लिए ऊंचे टीले बनाए जाएंगे और बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा। गंगा के तट के एक इलाके को टापू जैसा विकसित किया जाएगा। वन विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव बनाना शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग से भी जमीन पर यह कार्य करने के लिए अनुमति ली जा रही है।
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जिले की धरती प्रवासी पक्षियों को बहुत भाती है। जिले में गंगा, रामगंगा, मालन और खो नदी के किनारे हर साल साइबेरिया व अन्य देशों से प्रवासी पक्षी आते हैं जो सर्दी के दौरान यहीं प्रवास करते हैं। जिले में बर्ड वॉच के दौरान 46 प्रजातियों के पक्षी मिल चुके हैं जबकि कुछ साल पहले तक जिले में 38 प्रजातियों के ही पक्षी आते थे। तराई क्षेत्र में ये प्रवासी पक्षी डेरा जमाते हैं। प्रवासी पक्षियों को जिले में सुरक्षित के साथ साथ अनुकुल वातावरण देने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत वन विभाग गंगा किनारे पक्षी विहार बनाने की योजना बना रहा है। इसके लिए गंगा बैराज पर शीशमहल के पास गंगा के तटीय क्षेत्र को चिह्नित किया गया है। सिंचाई विभाग से भी पक्षी विहार बनाने के लिए अनुमति ली जा रही है। अनुमति मिलते ही पक्षी विहार बनाने के लिए काम शुरू कर दिया जाएगा। गंगा तट के इस क्षेत्र को किसी टापू की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
25 फीट ऊंचे टीले बनेंगे
पक्षी विहार में गंगा किनारे दो या इससे ज्यादा टीले बनाए जाएंगे। रेत से ये टीले बनाए जाएंगे। टीलों की ऊंचाई 25 फीट तक या इससे ज्यादा होगी। टीलों के पास हरियाली को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण किया जाएगा। घनी छाया देने वाले पेड़ लगाए जाएंगे।
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मिलेगी सुरक्षा
पक्षियों की कई प्रजाति रेत में ही अंडे देती हैं। टीले पर भी ये पक्षी घोंसला बना सकते हैं। यहां अंडे देने पर उनके अंडे पानी व अन्य कुछ जंगली जानवरों से बचे रहेंगे। एक ही जगह पर पक्षियों के डेरा जमाने से उनकी सुरक्षा करना भी आसान होगा।
ये पक्षी आते हैं
जिले में प्रमुख रूप से डारटर, ब्लू रॉक, पिनटेल, कामन टेल, लार्ज एरागेट, बार हैडेट गीज, ग्रे लेग गीज, बेडर गीज, पोस्टर पनकोन आदि पक्षी दिखाई देते हैं। खाने व प्रजनन के लिए ये पक्षी आते हैं।
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ले रहे अनुमति
डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक बैराज पर पक्षी विहार बनाया जाएगा। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से अनुमति ली जा रही है।
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