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Bijnor News: विदुर कुटी के पास बनेगा जैव विविधता उद्यान

Mon, 22 May 2023 12:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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बिजनौर। जैव विविधता दिवस आज मनाया जा रहा है। बिजनौर में जैव विविधता की टूटी चेन को दोबारा जोड़ने की तैयारी चल रही है। गंगा और उसके आसपास के क्षेत्र को जैव विविधता के लिए विकसित किया जा रहा है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। गंगा में विलुप्त घड़ियालों की संख्या बढ़ाने के साथ ही विदुर कुटी के पास जैव विविधता उद्यान विकसित जाएगा, जिसकी शासन से मंजूरी मिल गई है।
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जैव विविधता को लेकर लोग अभी जागरूक नहीं हैं, जिसके चलते आए दिन जलीय जीवों की तस्करी की खबर सामने आती रहती हैं। गंगा में बिजनौर बैराज से मकदूमपुर घाट तक 828 घड़ियाल छोड़े जा चुके हैं। इसके अलावा तीन हजार कछुए गंगा में छोड़े गए, ताकि गंगा की जैव विविधता बनी रहे। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ समन्वयक संजीव यादव ने बताया कि वर्ष 2009 में घड़ियाल पुनर्वास का अभियान शुरू किया था। अब तक 828 घड़ियाल छोड़े जा चुके हैं, इनमें से 17 मादा घड़ियाल प्रजनन के लिए तैयार हैं। मगर हमारे पास उनके बराबर नर नहीं हैं।
दूसरी ओर विदुरकुटी के पास उद्यान विकसित करने के लिए 40 हेक्टेयर जमीन चिह्नित कर ली गई है। जैव विविधता उद्यान बनाने के लिए प्रस्ताव को शासन से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इस परियोजना पर सात करोड़ की लागत आएगी। गंगा नदी से आठ सौ मीटर की दूरी पर यह पार्क बनाया जाना है। यह कई जोन में विभाजित होगा, एक जोन में हर्बल पार्क बनाया जाएगा।
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जैव विविधता का अद्भुत संगम है गंगा बैराज
बिजनौर गंगा बैराज जैव विविधता का अद्भुत संगम है। यहां घड़ियाल, कछुए, डॉल्फिन और कई प्रजातियों की मछलियां देखने को मिलती हैं। मिली जानकारी के मुताबिक गंगा बैराज पर करीब 10 प्रजातियों के कछुए देखने को मिलते हैं। वहीं चार डॉल्फिन भी गंगा बैराज पर हैं। इसके अलावा बिजनौर गंगा बैराज के आसपास काफी संख्या में घड़ियाल देखने को मिलते हैं।

उद्यान की शोभा बढ़ाएंगी वाटिकाएं

विदुरकुटी पर विकसित होने वाले जैव विविधता उद्यान में अलग-अलग तरह की वाटिकाएं बनेंगी, जिनमें नक्षत्र वाटिका, पंचवटी वाटिका खास होंगी। इनमें ग्रह नक्षत्रों के अनुसार पौधे लगाए जाएंगे। फलदार और छायादार पौधे भी लगेंगे। कल्पतरु वन बनेगा। रुद्रा वन में भगवान शिव से संबंधित पौधे लगेंगे। इतना ही नहीं जलीय परितंत्र भी विकसित किया जाएगा, जिसमें कमल, मछली और कछुआ आदि रहेंगे।

वर्जन::
जैव विविधता बचाने के लिए लगातार प्रायास किए जा रहे हैं। जलीय जीवों की तस्करी रोकने के लिए वन विभाग तस्करों पर कार्रवाई कर रहा है। विदुर कुटी को संवारने के लिए काम चल रहा है।....ज्ञान सिंह, एसडीओ, वन विभाग, बिजनौर
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