बिजनौर में बिलाई शुगर मिल पर गन्ना मूल्य भुगतान तय समय में नहीं करने की गाज गिर गई हैं। प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मिल की चीनी को प्रशासनिक अभिरक्षा में ले लिया है। अब डीएम के निर्देश पर प्रतिदिन होने वाली चीनी की बिक्री तथा किसानों को किए जाने वाले गन्ना मूल्य भुगतान की साप्ताहिक समीक्षा होगी।
बिलाई शुगर मिल में नवंबर के प्रथम सप्ताह में पेराई शुरू हो गई थी। शासन के 14 दिन में गन्ना मूल्य भुगतान करने के निर्देश हैं। आरोप है कि तय समय बीतने के बाद भी मिल ने किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किया है। शुक्रवार को मिल गेट के कांटों पर घटतौली पकड़ी गई थी। प्रशासन ने इस पर कड़े तेवर अपनाए।
घटतौली में मिल गेट के कांटों के लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए। अब प्रशासन गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर सख्त हो गया है। डीएम जगतराज के निर्देश पर एसडीएम सदर अनुज सिंह ने मिल गोदाम में तैयार चीनी को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। एसडीएम के अनुसार मिल में प्रतिदिन तैयार होने वाली चीनी की बिक्री का ब्योरा एकत्र किया जा रहा है। वह यह भी पता लगा रहे हैं कि बेची गई चीनी के मूल्य का 85 प्रतिशत भाग को किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान खाते में जमा किया गया है या नही।
गन्ना समिति हल्दौर के सचिव को चीनी मिल के अभिलेखों तथा गोदाम में रखी चीनी का मौका मुआयना करके रिपोर्ट देने की हिदायत दी गई है। सचिव यह रिपोर्ट हर सप्ताह उपलब्ध कराएंगे।