बिजनौर। चालू पेराई सत्र में जिले की कई चीनी मिलों ने किसानों से खरीदे गन्ना मूल्य का जहां एडवांस भुगतान कर रखा है, वहीं बिलाई चीनी मिल भुगतान करने में सबसे फिसड्डी चल रही है। बिलाई चीनी मिल ने बंद होने तक 45871.00 लाख रुपये का गन्ना खरीदा और 13197.77 लाख रुपये का ही भुगतान किया। खरीदे गए गन्ना मूल्य का 28.77 प्रतिशत भुगतान ही किया गया है। बिलाई चीनी मिल पर 32673.23 लाख रुपये गन्ना मूल्य भुगतान का बकाया चल रहा है। औसतन जनपद की चीनी मिलें 88.52 प्रतिशत गन्ना भुगतान कर चुकी है।
गन्ना सीजन शुरू हुए करीब सातवां माह चल रहा है। जिले की नौ चीनी मिलों में से तीन चीनी मिलें बंद हो गई है। बाकी छह चीनी मिलों का पेराई सत्र चल रहा है। यह सत्र जून तक जाकर बंद होने की संभावना है। इस अवधि में जनपद की सभी चीनी मिलों ने 406388.32 लाख क्विंटल गन्नेे की खरीद की है और शुगर मिलों ने 108.15 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया। चीनी मिलों ने खरीदे गन्ना मूल्य में से 338980.81 लाख रुपये का किसानों को भुगतान कर दिया है। 19 मई तक चीनी मिलों पर किसानों का 43980.77 लाख रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान बकाया है। चीनी मिलों में सबसे ज्यादा बकाया बिलाई चीनी मिल पर है। बकाया भुगतान को लेकर किसान संगठन आए दिन धरना प्रदर्शन करते आ रहे हैं।
-तीन मिलों ने किया अग्रिम भुगतान
जिले की धामपुर चीनी मिल, बहादरपुर चीनी मिल और बुंदकी चीनी मिल में पेराई सत्र चल रहा है। इन चीनी मिलों ने समितियों को अग्रिम गन्ना भुगतान कर रखा है जबकि स्योहारा चीनी मिल ने 98.53 व बरकातपुर चीनी मिल ने 91.26 प्रतिशत भुगतान कर दिया है। बिलाई को छोड़कर बाकी सभी का भुगतान संतोषजनक माना जा रहा है।
-बोले किसान नेता
भुगतान नहीं, गन्ना आपूर्ति नहीं
भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही का कहना है बिलाई चीनी मिल पर किसानों गन्ना मूल्य भुगतान बकाया चल रहा है। भुगतान नहीं करने पर मिल के खिलाफ भुगतान नहीं, गन्ना आपूर्ति नहीं आंदोलन चला रखा है।
भुगतान न करने पर होगा आंदोलन
भाकियू जिलाध्यक्ष सत्यवीर सिंह सोनू ने कहा कि बिलाई चीनी मिल किसानों का भुगतान दबाए बैठी हैं। भुगतान जल्द कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। आवश्यकता पड़ी को मिल के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
-बोले डीसीओ
जनपद की चीनी मिलों ने 88.52 प्रतिशत गन्ना भुगतान कर दिया है। तीन चीनी मिलों ने एडवांस भुगतान कर दिया है। बिलाई चीनी मिल पर जल्द बकाया भुगतान कराने को दबाव बनाया जा रहा है।
-पीएन सिंह, डीसीओ