बंद फाटक के नीचे से निकाल रहे थे बाइक, ट्रेन की चपेट में आकर दो की मौत
स्योहारा (बिजनौर)। बंद रेलवे फाटक के नीचे से बाइक निकालकर ट्रैक पार कर रहे दो लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों के शव टुकड़े टुकड़े होकर ट्रैक पर बिखर गए। रेलवे पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
गांव पट्टी निवासी प्रमोद (46) पुत्र रघुनाथ बृहस्पतिवार को पत्नी और बेटे के संग स्योहारा में नुमाइश देखने आया था। रात में करीब 12:15 बजे पत्नी नीतू और बेटे राजा (11), भव्य (8) को साथ लेकर बाइक से गांव के लिए निकला। रेलवे फाटक पर पहुंचा तो वह बंद मिला। प्रमोद ने पत्नी और दोनों बेटों को फाटक से पहले ही बाइक से उतार दिया। इसके बाद खुद बाइक फाटक के बूम के नीचे से निकालकर ट्रैक पार करने लगा। इसी बीच नहटौर के रहने वाले अर्जुन ने उसकी बाइक को बूम के नीचे से निकलवाया। प्रमोद बाइक लेकर पैदल ही ट्रैक पार कर रहा था तभी रनथ्रू ट्रेन आ गई। जिसकी चपेट में आकर प्रमोद और उसके पीछे चल रहे अर्जुन पुत्र नरेश की मौके पर ही मौत हो गई।
बताया गया कि अर्जुन स्योहारा थाने में खाना बनाने के बाद फाटक की तरफ गया था। अर्जुन का एक रिश्तेदार स्योहारा थाने में फॉलोवर है, जोकि कभी कभी अर्जुन को भी थाने बुला लेता था। हादसे के बाद बाइक ट्रेन में फंस गई। दो किमी दूर ट्रेन रोक कर बमुश्किल बाइक ट्रेन के नीचे से निकाली गई। थानाध्यक्ष आशीष तोमर ने बताया कि दोनों शवों का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
सचेत करने का भी लोगों को नहीं मिला मौका
पत्नी और बेटे को फाटक के पास बाइक से उतारने के बाद प्रमोद ने बूम के नीचे से बाइक निकाली। बाइक निकालकर ट्रैक पार ही कर रहा था कि तभी ट्रेन आ गई। जो लोग फाटक बंद होने की वजह से खड़े हुए थे, उन्होंने शोर मचाना चाहा, लेकिन यह हादसा कुछ ही सेकेंड में हो गया। जिसके चलते लोगों को शोर मचाकर बाइक निकाल रहे प्रमोद का सचेत करने का मौका भी नहीं मिल पाया।
ट्रेन के ड्राइवर ने बजाया था हॉर्न
थानाध्यक्ष के मुताबिक ट्रेन के चालक ने बताया कि एक व्यक्ति पैदल ही बाइक को लेकर ट्रैक के बीचोंबीच था, उसके पीछे एक और व्यक्ति था। दोनों को ट्रैक पर देख ड्राइवर ने ट्रेन का हॉर्न भी बजाया, लेकिन दोनों को बचने का मौका नहीं मिला। ट्रेन तेज रफ्तार में थी, चाहकर भी ब्रेक नहीं लगाए जा सकते थे। हादसा होने के बाद मृतक की बाइक ट्रेन में फंस गई। करीब दो किमी बाइक ट्रैक पर घिसटने से चिंगारी उठती चली गई। दो किमी दूर ट्रेन रोक कर बमुश्किल बाइक ट्रेन के नीचे से निकाली गई।
जल्दबाजी के चक्कर में जोखिम में डाल रहे जान
बिजनौर। ट्रेन आने से पहले फाटक बंद होने के बावजूद सैकड़ों लोग अपनी जान से खिलवाड़ करते हैं। नजीबाबाद, नगीना, धामपुर, स्योहारा में यह सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। क्योंकि इसी रूट से सबसे ज्यादा ट्रेनें गुजरती है और दिन में कई बार फाटक बंद होता है। जल्दी जाने के चक्कर में रोजाना लोग जान की परवाह किए बिना ही रेलवे फाटक पार करने में नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं। बंद फाटक होने के बावजूद लोग किसी तरह नीचे झुकाकर दो पहिया वाहनों को पार करने लगते हैं। स्योहारा में हुए दर्दनाक हादसे ने इस लापरवाही का उजागर कर दिया। लेकिन इसके बाद भी लोग सबक लेते नजर नहीं आ रहे हैं। शुक्रवार को नजीबाबाद हो या नगीना, धामपुर सभी जगह लोग फाटक बंद होने के बावजूद ट्रैक पार करते नजर आए।