- वर्चुअल संवाद में प्रगतिशील किसानों ने साझा किए गन्ने की खेती से जुड़े अनुभव
- जनपद के युवा किसान ऋतुराज व महिला किसान डोली यादव ने किया संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। प्रमुख सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग उत्तर प्रदेश वीना कुमारी ने बिजनौर जनपद के युवा किसान ऋतुराज व महिला किसान डोली यादव समेत प्रदेश के 45 गन्ना उत्पादक जिलों के प्रगतिशील किसानों से वर्चुअल संवाद किया।
उन्होंने किसानों से गन्ने की खेती में आने वाली लागत तथा आमदनी बढ़ाने, गन्ने की खेती में तकनीक के प्रयोग, प्रजातीय संतुलन, प्राकृतिक खेती, गन्ने से तैयार होने वाले उत्पादों के निर्यात तथा सहफसली खेती आदि विभिन्न विषयों पर चर्चा की। मुरादाबाद परिक्षेत्र बिजनौर जनपद के युवा किसान ऋतुराज सिंह ने संवाद में गन्ने के साथ ड्रेगन फ्रूट की खेती, मटर, लीची का बाग आदि के उत्पादन के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने अपने खेतों का लाइव दिखाया। प्रमुख सचिव ने उसकी खेती की सराहना की।
जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह ने बताया कि बिजनौर के ऋतुराज सिंह की ड्रेगन फ्रूट व सहफसली खेती की देवरिया के प्रगतिशील किसान ने तारीफ की और ऐसे खेतों का दौरा करने की बात कही। वहीं चांदपुर परिषद की महिला किसान डोली यादव ने बताया कि उन्होंने शीतकालीन में पांच लाख पौधों की बिक्री की है।
उन्होंने अपने अनुभवों को संवाद में सभी के साथ साझा किया। किसानों ने नए कार्यों में डीसीओ पीएन सिंह व विभाग का सहयोग मिलने की बात भी कहीं। प्रमुख सचिव चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग किसानों से परेशानी व सुझाव भी लिए।
एससीडीआई अवनीश तिवारी ने बताया कि संवाद में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को गन्ने की पौध तैयार कर, स्थानीय स्तर पर आय अर्जित करने को प्रेरित करने बल दिया। युवा गन्ना किसानों द्वारा गन्ने की खेती में नवोन्मेषी तकनीकों के प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।