बिजनौर जिले के गांव अंथाई शेख में तेंदुए ने खेत पर काम करते किसान अकबर पर हमला कर दिया। अकबर ने तेंदुए का डटकर सामना किया। किसानों के आने और शोर मचाने पर वह जंगल में भाग गया।
गांव अंथाई शेख में गुलदार (तेंदुए) ने खेत में पानी दे रहे बटाईदार किसान पर हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। किसान ने गुलदार का डटकर मुकाबला करते हुए अपना बचाव किया। इसी दौरान मौके पर पहुंचे किसानों के ट्रैक्टर की आवाज और लाइट से गुलदार किसान को छोड़कर भाग गया। उधर, वन विभाग की टीम ने घायल को पीएचसी धामपुर ले जाकर उसका इलाज कराया।
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अंथाई शेख के ग्राम प्रधान दिलशाद अहमद ने बताया कि गांव के किसान बिलाल का बटाईदार अकबर (48) है। मंगलवार रात करीब 10:30 बजे अकबर गन्ने की फसल में पानी देने के लिए खेत पर गया था। वह खेत की मेढ़ पर बैठा ही था कि सामने से गुलदार ने हमला कर दिया।
अकबर ने साहस का परिचय देते हुए गुलदार का डटकर मुकाबला किया और उसे अपनी बाहों में जकड़ लिया। गुलदार अकबर के सीने पर बार-बार पंजे मारकर जख्मी करता रहा, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और मजबूती से गुलदार को पकड़े रहकर उससे भिड़ता रहा। इसी दौरान शादी समारोह से बाइक से लौटे बिलाल और शोएब खेत पर पहुंचे।
अकबर ने उन्हें अपने ऊपर गुलदार के हमले की बात बताते हुए उनसे वहां से चले जाने को कहा। इसके बाद बिलाल और शौएब गांव पहुंचे और ग्रामीणों को अपने साथ ट्रैक्टर पर बैठाकर खेत पर ले गए। ट्रैक्टर की आवाज सुनकर और लाइट देखकर गुलदार जख्मी अकसर को छोड़कर जंगल में भाग गया।
गुलदार के हमले से किसान के सीने और पेट पर पंजों की खरोचें आईं। अकबर ने समय रहते किसानों के मौके पर पहुंचने पर अपने रब का शुक्र अदा किया। किसानों के मुताबिक पिछले 20 दिनों से गुलदार खेतों में दिखाई पड़ रहा है। उन्होने वन विभाग से पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की है।
उधर, सूचना पर वन विभाग के डिप्टी रेजर हरदेव सिंह गांव पहुंचे और लोगों से मामले की जानकारी ली। वह जख्मी अकबर को साथ लेकर धामपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तथा उपचार कराया। उन्होंने ग्राम प्रधान की ओर से प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद गुलदार पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाने का आश्वासन दिया।
चीख के बाद हिम्मत करने से बची जान
किसान अकबर ने बताया कि जब गुलदार ने हमला करने के लिए उसके ऊपर छलांग लगाई, तो उसकी चीख निकल गई। अपने सामने मौत को खड़ा देखकर वह झिझका, लेकिन किसी तरह हिम्मत जुटाई और गुलदार से भिड़ गया। यदि वह ऐसा न करता, तो गुलदार निश्चित तौर पर उसे मार देता।