नशीले कफ सिरप के मामले में बिजनौर में अब तक दो केस दर्ज हुए हैं। एक केस में गिरफ्तारी हुई है, दूसरे केस में कार्रवाई नहीं हो पाई है। पुलिस अब नहटौर निवासी एक आरोपी की तलाश कर रही है।
डीनयुक्त सिरप की तस्करी के मामले में बिजनौर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में पंजाब के शिक्षा विभाग में तैनात योगा शिक्षक भी शामिल है। नहटौर में रहने वाले चौथे आरोपी की तलाश में पुलिस लगी है। यह कार्रवाई सिर्फ एक केस में की गई है, अभी कोडीन की दूसरी प्राथमिकी में भी कार्रवाई होना बाकी है।
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शुक्रवार को शहर कोतवाली पुलिस ने अरुण कुमार निवासी गांव मंगोलपुरा, शिवांशु निवासी साहित्य विहार बिजनौर और रेसब निवासी मंगोलपुरा को गिरफ्तार करते हुए चालान कर दिया। इनके एक और साथी की तलाश की जा रही है जोकि नहटौर क्षेत्र का रहने वाला है और साल 2016 तक मेडिकल स्टोर चलाता था।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि नहटौर निवासी आरोपी ने उनकी मेडिकल एजेंसी से कोडीनयुक्त सिरप का स्टॉक उठाकर कहीं और बेच दिया था। गिरफ्तार होने वाला एक आरोपी अरुण फिलहाल पंजाब में शिक्षा विभाग में बतौर योग शिक्षक के रूप में तैनात है। अरुण के नाम ही मेडिकल का लाइसेंस चल रहा था। जिसने नौकरी लगने के बाद भी लाइसेंस को सरेंडर नहीं किया।
बता दें कि गाजियाबाद की कैडिज लाइफ साइंस कंपनी से लाइकेरेक्स-टी सिरप की आपूर्ति बिजनौर में भी होने की बात सामने आने के बाद औषधि निरीक्षक ने जांच की थी। शुरुआती जांच करने के बाद शिव शक्ति बाला जी मेडिकोज से जुड़े अरुण कुमार निवासी मंगोलपुरा और साहित्य विहार निवासी शिवांशु सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
इसके अलावा एसवी मेडिकल स्टोर से जुड़े आकाश चौहान निवासी ज्ञान विहार और तुषार कुमार निवासी चक्कर चौराहा के खिलाफ औषधि निरीक्षक ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन दोनों मेडिकल फर्म के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एएसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने बताया कि फिलहाल शिवशक्ति बालाजी मेडिकोज से जुड़े केस के संबंध में गिरफ्तारी की गई है। दूसरे केस में अभी जांच चल रही है।