नगीना तहसीलदार पर जमीन का गलत दाखिल-खारिज करने का आरोप लगाते हुए एक परिवार ने छोटे बच्चों के साथ उनके कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया। एक युवक ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की। परिवार के लोगों ने तहसीलदार व नायब तहसीलदार पर पेशकार के माध्यम से करीब 70-70 हजार की रिश्वत लेने के भी आरोप लगाए। बाद में एसडीएम ने आरोप लगाने वाले परिवार की दो महिलाओं समेत चार लोगों को जेल भेज दिया।
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आत्मदाह की कोशिश करने वाले युवक को जेल भेजती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
नगर के मोहल्ला सरायमीर निवासी आदिल अब्बास, शाहनवाज हैदर, कमर हैदर व अली अब्बास अपने परिवार की महिलाओं, पुरुषों व बच्चों के साथ बृहस्पतिवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे तहसीलदार कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने उनकी बैनामाशुदा जमीन का तहसीलदार पर गलत दाखिल-खारिज करने का आरोप लगाया।
धरने पर बैठा परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
कहा कि पेशकार के माध्यम से तहसीलदार और नायब तहसीलदार ने 70-70 हजार रुपये की रिश्वत ली। इसके बावजूद गलत निर्णय दिया। परिवार के लोग पहले तहसीलदार के कक्ष में तथा बाद में कार्यालय के बाहर हंगामा करते हुए धरने पर बैठ गए। इस दौरान मौका देखकर अली अब्बास ने अपने ऊपर पेट्रोल डालते हुए आत्मदाह करने का प्रयास किया।
वहां मौजूद लोगों ने बड़ी मुश्किल से उसे बचाया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई तथा तीन महिलाओं समेत पांच लोगों को पकड़कर थाने ले गई। उनका शांति भंग में चालान कर एसडीएम आशुतोष जैसवाल की कोर्ट में पेश किया गया। एसडीएम ने अली अब्बास, गुलरेज व दो महिलाओं को जेल भेज दिया, जबकि एक महिला को जमानत दे दी।
नियमानुसार किया गया दाखिल-खारिज: तहसीलदार
नगीना तहसीलदार आशीष सक्सेना का कहना है कि नगर के मोहल्ला कस्बा में स्थित करीब 2025 वर्ग मीटर जमीन के दाखिल-खारिज के मामले में उनकी अदालत में निर्णय की तिथि बृहस्पतिवार को लगी हुई थी। नियमानुसार उन्होंने दाखिल-खारिज का निर्णय किया। बताया कि इस जमीन के दो बैनामे हुए हैं, जितनी जमीन जिसकी सही थी, उसी अनुसार दोनों का दाखिल-खारिज किया गया है। उन्होंने हंगामा करने वालों के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उधर, नायब तहसीलदार अजब सिंह का कहना है कि उनके यहां से मामला तहसीलदार कोर्ट स्थानांतरित हो गया था। उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं।