बिजनौर। टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाकर मरीजों को खोज रहा है। इसी की नतीजा है कि साल 2023 में बिजनौर टीबी मरीज खोजने में प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा। जिले में लक्ष्य से 15 प्रतिशत अधिक मरीज खोजे गए हैं।
शासन की ओर से टीबी मरीज खोजने की रैंकिंग जारी की है। बिजनौर को साल 2023 में 9033 टीबी मरीज खोजने का लक्ष्य मिला था। जिसके सापेक्ष यहां 10705 मरीज खोजे गए। जो लक्ष्य से 15 प्रतिशत अधिक हैं। जिसके चलते बिजनौर प्रदेश में तीसरे नंबर पर आया। जबकि साल 2022 में जिले को 8700 टीबी मरीज खोजने का लक्ष्य था। जिसके सापेक्ष 9577 मरीज खोजे थे। साल 2022 में बिजनौर प्रदेश में सातवें पायदान पर था। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि टीबी मरीज खोजने में बिजनौर की रैंकिंग सुधरी है। क्योंकि एक साल में चार जिलों को पछाड़कर तीसरा स्थान पाया। साथ ही बिजनौर में टीबी मरीजों के उपचार की सफलता दर 92 प्रतिशत है। इसके अलावा 87 प्रतिशत मरीजों का भुगतान कर दिया गया है।
- वर्तमान में चल रहा 4528 मरीजों का इलाज
जिले में वर्तमान में 4528 टीबी मरीजों का इलाज चल रहा है। जिनमें 2932 मरीज सरकारी अस्पतालों और 1596 मरीज निजी अस्पतालों में खोजे गए हैं। सभी मरीजों को दवाई दी जा रही है। इसके अलावा उन्हें संतुलित आहार लेने के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
- वर्जन : टीबी मरीज खोजने में बिजनौर ने अच्छा प्रदर्शन किया है। एक साल में ही प्रदेश में सातवें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच गया। यह बड़ी उपलब्धि है। टीबी ग्रसित मरीजाें को खोजने के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। जांच के बाद टीबी मरीजाें का तुरंत इलाज शुरू कर रहे हैं। - डॉ. सुशील कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी, बिजनौर