पीएमएवाई में दूसरे स्थान पर बिजनौर
बिजनौर। प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) शहरी की प्रगति में बिजनौर जिला प्रदेश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। जबकि मथुरा जिले को पहला स्थान मिला है। योजना में शहरों में अब तक नौ हजार से अधिक परिवारों को आवास मिल चुके हैं। 18 हजार से अधिक परिवारों के मकान बनने के लिए जियो टैगिंग हो चुकी है। 2021 तक जिले में सभी मकानों का निर्माण पूरा होने की संभावना है।
हर बेघर और कच्चे मकान वालों को घर देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई है। योजना में शहर में हर पात्र परिवार को तीन किश्तों में ढाई लाख रुपये दिए जाते हैं। पहली किश्त में 50 हजार, दूसरी में डेढ़ लाख और तीसरी किश्त में 50 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। योजना में जिले में 30772 मकान बनने हैं। इस वित्तीय वर्ष में 15 हजार मकान बनाने का लक्ष्य दिया गया था। छह हजार मकानों को बनाने के लिए काम चल रहा है। इस वित्तीय वर्ष में जिले में 18 हजार से अधिक मकान बनने का अनुमान है।
इनमें से करीब नौ हजार मकान पूरे हो चुके हैं, नौ हजार पात्रों के खाते में दूसरी किश्त भी भेजी जा चुकी है। केेंद्र सरकार द्वारा मकानों के लिए लाभार्थी के खाते में रुपये ट्रांसफर करने, जिया टैगिंग करने व मकान पूरे करने पर रेटिंग की जाती है। इस रेटिंग में मथुरा को पहला, बिजनौर जिले को दूसरा स्थान मिला है। रेटिंग में मिर्जापुर तीसरे, झांसी चौथे और गाजियाबाद पांचवें नंबर पर है। डूडा के परियोजना निदेशक नरेंद्र मिश्रा के अनुसार योजना में नौ हजार से अधिक परिवारों को मकान दे दिए गए हैं।