13 दिन के इंतजार के बाद आखिरकार बुधवार को बैराज पर मरम्मत का काम शुरू हो गया। मेरठ से आई टीम ने जैक लगाकर स्लैब उठाए और बेयरिंग बदलने का काम शुरू कर दिया। दोपहर बाद से दोपहिया वाहनों को भी अगले तीन दिन के लिए बंद कर दिया। टीम का दावा है कि अगले दस दिन में इस पुल से बड़े वाहनों के लिए भी यातायात शुरू कर दिया जाएगा।
बैराज की मरम्मत का कार्य करती टीम।
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आठ अगस्त को गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ था। जहां एक ओर बिजनौर से बैराज के बीच सड़क से करीब दो फीट तक पानी बह रहा था। तीन दिन तक लोग बैराज पुल तक भी नहीं पहुंच पाए। वहीं बैराज पुल के स्लैब में गैप होने से इसे भी भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया। तब से लगातार पुल की जांच पड़ताल और निरीक्षण का क्रम चल रहा था।
बुधवार को मेरठ से टीम पहुंची और बैराज की मरम्मत शुरू कर दी। गेट नंबर 20-21 के नीचे स्लैब में जैक लगाए गए। उसे उठाकर बेयरिंग निकालने का काम शुरू कर दिया गया। दोपहर करीब तीन बजे दोपहिया वाहन भी पुल पर रोक दिए गए। केवल फुटपाथ से होकर पैदल यात्री ही निकाले जा रहे हैं।
आज दूसरे गर्डर को उठाने का काम होगा
बुधवार को गेट नंबर 20-21 के बीच एक गर्डर उठाया गया है। एक गर्डर के दोनों सिरों पर जैक लगा दिए गए हैं। पूरा दिन बीतने के बाद दूसरे गर्डर को बृहस्पतिवार को उठाने का काम किया जाएगा। बेरिंग बदलने के लिए जैक लगाकर गर्डर को स्लैब समेत ऊपर उठाया गया है।
संवेदनशीलता का रखा जा रहा ध्यान
बैराज पुल के गर्डर इस समय जैक पर हैं। बृहस्पतिवार को स्लैब के दोनों गर्डर जैक पर उठाए जाएंगे, उस समय पैदल यात्रियों को भी रोका जा सकता है। टीम का कहना है कि सुरक्षा के सभी इंतजाम का ध्यान रखा जा रहा है, ताकि कोई भी गड़बड़ी न हो। वहीं मेरठ से आई टीम नए बेयरिंग भी मंगवा चुकी है।
ये बोले
बैराज पर मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है। इस काम को पूरा करने में करीब एक सप्ताह से दस दिन का समय लग सकता है। इसके बाद जांच कराई जाएगी। उम्मीद है कि शीघ्र यातायात सुचारु हो जाएगा।
- अमित प्रणव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई