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बिजनौर: पराली न जलाने की दिलाई शपथ, DM ने निगरानी के लिए तहसील स्तर पर बनाया सचल दस्ता

Sat, 29 Oct 2022 07:40 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर

सार

बिजनौर में पराली न जलाने की शपथ दिलाई गई। वहीं DM ने निगरानी के लिए तहसील स्तर पर सचल दस्ता बनाया है।
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पराली न जलाने की शपथ दिलाई। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बिजनौर में कृषि विभाग की ओर से ग्रामीण अंचल में गोष्ठी व बैठक करके किसानों को पराली व फसल अवशेष जलाए जाने की जगह उसका खाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही किसानों को पर्यावरण शुद्ध रखने के लिए पराली व फसल अवशेष नहीं जलाने की शपथ दिलाई जा रही है।   

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विकासखंड किरतपुर के ग्राम छितावर में फसल अवशेष प्रबंधन के संबंध में किसानों को जागरूक करने के लिए न्याय पंचायत स्तरीय गोष्ठी हुई। गोष्ठी में उप कृषि निदेशक गिरीश चंद ने किसानों को जागरूक करते हुए डी-कंपोजर का निशुल्क वितरण किया। साथ ही किसानों को फसल अवशेष न जलाने एवं पर्यावरण स्वच्छ रखने की शपथ भी दिलाई। इसके अलावा ग्राम पंचायत कुतुबपुर ब्लाक नजीबाबाद में पराली व फसल अवशेष प्रबंधन गोष्ठी में किसानों को शपथ दिलाई गई।

पराली जलाने पर किसान पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने पराली के जलाये जाने के कारण होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर सचल दस्ता गठित किया। पहली बार पराली जलाये जाने पर नोटिस जारी व अर्थदंड लगेगा, दूसरी बार पकड़े जाने पर अर्थदंड के साथ मुकदमा पंजीकरण कर कार्रवाई की जाएगी। 
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मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन कृषि अनुभाग के निर्देशों के अनुपालन में डीएम ने सचल दस्ते का गठन किया। डीएम ने बताया कि सचल दस्ते द्वारा धान की पराली एवं अन्य कृषि अपशिष्ट को जलाने से रोका जाएगा। साथ ही किसानों को अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में जागरूक करेगा। फसल कटाई के दौरान प्रयोग किए जाने वाला कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस अथवा स्ट्रा रीपर या स्ट्रा रेक एवं बेलर का उपयोग करने को प्रेरित किया जाएगा। 

पराली जलाने की सूचना पर जांच करने के उपरांत तहसीलदार द्वारा पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति आरोपण के लिए एक कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा और पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को 2500 रुपये प्रति घटना अर्थदंड दिया जाएगा। घटना की पुनरावृत्ति होने पर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण अधिनियम की धारा के तहत अभियोजन व अर्थदंड या दोनों से दंडित कराया जाएगा।

24 घंटे के अंदर देंगे घटना की सूचना 
डीएम ने कहा कि राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग के ग्राम पंचायत एवं न्याय पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मचारी को उत्तरदायी बनाया जाए कि वह कृषि अपशिष्ट को जलाए जाने की घटना के संबंध में 24 घंटे के अंदर सूचनाएं अपने उच्चाधिकारियों दें। 

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नियुक्त किए गए अधिकारी
तहसील सदर में पर्यवेक्षक अधिकारी एसडीएम, सीओ, नोडल अधिकारी तहसीलदार, कृषि विभाग के उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी (विषय वस्तु विशेषज्ञ) रहेंगे।
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