बताया गया कि यह पुल उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पुलों में शुमार है। अब पुल के पास हाईवे की ओर से फोरलेन निकल गया है। तो ऐसे में ओवरलोड़ेड वाहनों को इस पुल से न आकर फोरलेन हाईवे से होकर गंतव्य को जाना पडेगा।
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नगर के अचल चोहान, कामेश्वर राजपूत,पंडित शरदचंद्र शर्मा का कहना है कि नेशनल हाईवे 74 पर खो नदी के बैराज पर इस पुल का निर्माण अंग्रेजी शासनकाल में हुआ था। जिसका विधिवत उद्घाटन 18 मार्च 1942 को निवर्तमान गवर्नर दि यूनाईटेड प्राविन्सेज (संयुक्त प्रांत) ने किया था।
पुल के उद्घाटन के अवसर पर गवर्नर की पत्नी और शेरकोट रियासत की महारानी रानी फुल कुंवरि साहिबा भी मौजूद थीं। करीब 80 साल पुराने हो चले इस पुल को बुधवार को अधिकारियों ने पुल की जर्जर अवस्था व एक्सपायर समय को देखते हुए ओवरलोडेड वाहनों पर रोक लगा दी है। ऐसे में अब पीएनसी द्वारा हाईवे पर नवनिर्मित पुल से ही होकर गंतव्य को प्रस्थान करना होगा।