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Bijnor: शेरकोट में खो नदी पर बने 80 साल पुराने पुल से नहीं गुजर सकेंगे ओवरलोडेड वाहन

Wed, 23 Nov 2022 03:58 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

शेरकोट में खो नदी पर बने पुल से ओवरलोडेड वाहनों का आवागमन नहीं हो सकेगा। पुल करीब 80 साल पुराना है। पुल की आयु सीमा खत्म हो गई है।
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पुल पर खड़ी जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में अब शेरकोट में खो नदी पर बने पुल से ओवरलोडेड वाहनों का आवागमन नहीं हो सकेगा। हाईवे 74 के अधिकारियों की ओर से पुल के दोनों ओर ओवरलोडेड गेज को लगा दिया है।

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बताया कि पुल करीब 80 साल पुराना है। पुल की आयु सीमा खत्म हो गई है। किसी प्रकार की कोई दुर्घटना न हो। इस पर रोक लगाने को विभाग के अधिकारियों की ओर से यह कदम उठाया गया है। 

हाईवे 74 के अधिकारियों का कहना है कि पुल पर पूरी तरह से वाहनों के आवागमन पर रोक नहीं लगाई गई है, क्योंकि पुल पुराना हो गया है। पुल से ओवरलोडेड वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने को ऐसा गया है। बताया कि पुल के दोनों तरफ विभाग की ओर से ओवरलोडेड गेजों को लगाया गया है। जिससे चाह कर भी कोई व्यक्ति निर्धारित मात्रा से अधिक वजन लेकर पुल से न गुजर सकें।  
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पुल पर खड़ी जेसीबी - फोटो : अमर उजाला
बताया गया कि यह पुल उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पुलों में शुमार है। अब पुल के पास हाईवे  की ओर से फोरलेन निकल गया है। तो ऐसे में ओवरलोड़ेड वाहनों को इस पुल से न आकर फोरलेन हाईवे से होकर गंतव्य को जाना पडेगा।

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नगर के अचल चोहान, कामेश्वर राजपूत,पंडित शरदचंद्र शर्मा का कहना है कि नेशनल हाईवे 74 पर खो नदी के बैराज पर इस  पुल का निर्माण अंग्रेजी शासनकाल में हुआ था। जिसका विधिवत उद्घाटन 18 मार्च 1942 को निवर्तमान गवर्नर दि यूनाईटेड प्राविन्सेज (संयुक्त प्रांत) ने किया था।  

पुल के उद्घाटन के अवसर पर गवर्नर की पत्नी और शेरकोट रियासत की महारानी रानी फुल कुंवरि साहिबा भी मौजूद थीं। करीब 80 साल पुराने हो चले इस पुल को बुधवार को अधिकारियों ने पुल की जर्जर अवस्था व एक्सपायर समय को देखते हुए ओवरलोडेड वाहनों पर रोक लगा दी है। ऐसे में अब पीएनसी द्वारा हाईवे पर नवनिर्मित पुल से ही होकर गंतव्य को प्रस्थान करना होगा।
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