मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में जनपद से माध्यमिक व बेसिक विद्यालयों से सात छात्रों ने अपने प्रोजेक्टों के साथ प्रतिभाग किया था, जिसमें कई मॉडल प्रदर्शित किए गए थे। शिक्षक ने बताया कि उनके द्वारा एक ऐसी सुई बनाई गई है, जिसमें बुजुर्ग तथा बीमार लोग भी धागा डाल सकते हैं। उस सुई में अंधेरे में भी धागा डाला जा सकता है। उन्होंने अपने मॉडल को ‘स्मार्ट नीडल’ का नाम दिया है। उनके इस आइडिया को चयनित कर लिया गया है।
समाज के लिए वरदान
विज्ञान शिक्षक अमित कुमार शर्मा के निर्देशन में छात्रा गरिमा के द्वारा स्मार्ट सुई बनाई गई है। इस नवाचार का चयन न केवल एक जीत है। वरन भविष्य में पूरे समाज के लिए वरदान साबित होगी। मेरी शुभकामनाएं दोनों के साथ हैं - गुलशन गुप्ता, नोडल समन्वयक विज्ञान, बेसिक शिक्षा
अन्य विद्यालय भी लें प्रेरणा
जूनियर हाईस्कूल सदरपुर के प्रोजेक्ट का राज्य स्तर के लिए चयन होना बेसिक विभाग व जिले के लिए गर्व की बात है। अन्य विद्यालयों को प्रेरित होना चाहिए। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की मेहनत सामने आ रही है। इन दोनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं - जयकरन यादव, बीएसए