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नजीबाबाद आकाशवाणी केंद्र ने प्रभावी प्रसारणों से बनाई पहचान

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नजीबाबाद - आकाशवाणी लोगो। - फोटो : NAZIBABAD
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नजीबाबाद आकाशवाणी केंद्र ने प्रभावी प्रसारणों से बनाई पहचान
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नजीबाबाद (बिजनौर)। आकाशवाणी का ये नजीबाबाद केंद्र है। करीब साढ़े चार दशकों से गूंज रही इस आवाज ने देशभर के श्रोताओं को शिक्षा, जानकारी और मनोरंजन के उच्च गुणवत्ता के प्रसारण दिए हैं। कोरोना काल की चुनौतियों के दौर में भी केंद्र ने श्रोताओं को कोविड गाइड लाइन संबंधी जानकारियों से जागरूक रखा।
आज राष्ट्रीय प्रसारण दिवस है। दुनिया के सबसे बड़े लोक प्रसारक रेडियो ने 99.1 फीसदी लोगों में अपनी पहुंच बनाई है। पहला रेडियो प्रसारण 23 जुलाई 1927 को हुआ था। 44 वर्ष पहले 26 जनवरी 1978 को आकाशवाणी नजीबाबाद केंद्र से प्रसारण शुरू हुए। तब से रेडियो की सिग्नेचर ट्यून और वंदे मातरम के साथ ये आकाशवाणी का नजीबाबाद केंद्र है उद्घोष रोजाना गूंजता है।
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नजीबाबाद केंद्र ने हाल ही के वर्षों में सजीव प्रसारणों के माध्यम से कृषि विकास, सामाजिक उत्थान और सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में चुनौती पूर्ण परिस्थितियों में प्रसारण और तकनीकी विभाग के अधिकारियों की कुशल दक्षता के साथ गुणवत्ता से भरपूर प्रसारण दिए हैं। राज्य स्तरीय प्रसारणों में भी नजीबाबाद केंद्र ने प्रभावी प्रसारणों से अपनी पहचान बनाई है।
वर्तमान में 200 किलोवाट क्षमता के केंद्र ने करीब एक दशक पूर्व वर्चुअल प्रसारण शुरू किए। श्रोताओं को फोन इन कार्यक्रमों के माध्यम से सीधा जोड़ा गया। शुरुआती दौर में उत्तराखंड के आठ जनपदों का प्रतिनिधित्व करने वाले नजीबाबाद केंद्र का वर्तमान में बिजनौर, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, बुलंदशहर और हापुड़ जनपद प्रसारण क्षेत्र हैं। (संवाद)
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कोरोना काल में मार्गदर्शक बना केंद्र
कोरोना काल के दौरान केंद्र ने शिक्षा और स्वास्थ्य को गंभीरता से लिया। शैक्षिक प्रसारण पाठशाला चलाई, जागरूक श्रोता कार्यक्रम के माध्यम से कोविड-19 का दंश झेल रहे लोगों को कोविड गाइड लाइन के साथ चिकित्सा विशेषज्ञों की समय-समय पर सलाह देकर श्रोताओं को तनाव मुक्त और मनोबल ऊंचा रखने में मदद की।
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रेडियो ने अस्तित्व बरकरार रखा
नजीबाबाद केंद्र के एडीपी अमर सिंह और वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी शोभित शर्मा का कहना है कि वर्तमान दौर डिजीटल और सोशल मीडिया का है। अनेक प्रतिद्वंद्वी के बावजूद रेडियो ने अपना अस्तित्व और विश्वसनीयता बनाए रखी है। सोशल मीडिया हैंडिल को प्रभावी बनाते हुए ट्यूटर, फेसबुक एप आदि के माध्यम से भी श्रोताओं तक अपनी प्रभावी पहुंच बनाई है।

नजीबाबाद - आकाशवाणी केंद्र।- फोटो : NAZIBABAD

नजीबाबाद - आकाशवाणी के प्रसारक रेडियो।- फोटो : NAZIBABAD

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