- पीएनबी बैंक से जुड़े कई बैंक मित्रों के खातों से उड़ए गए थे लाखों रुपये
- इंटरनेट की दुनिया में मामूली चूक पड़ रही भारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। तू डाल डाल मैं पात पात....यह कहावत साइबर अपराध में खूब चरितार्थ हो रही है। दरअसल, साइबर अपराध के किसी एक तरीके को लेकर लोगों में जागरुकता आती है तो डिजिटली क्राइम करने वाले आरोपी नया पैंतरा बदल देते हैं। सिर्फ खास ओ आम ही नहीं बल्कि बैकिंग के जानकार के भी इनके निशाने पर हैं। कुछ ऐसा जिले में कई बैंक मित्रों के साथ भी हो चुका है।
हल्दौर क्षेत्र के गांव धनौरी के रहने वाले शुभम चौधरी पंजाब नेशनल बैंक के बैंक मित्र हैं। शुभम चौधरी ने बताया कि उनका बैंक में सैटलमेंट खाता खुला हुआ है। इसी खाते के जरिए लोगों को बैंकिंग सुविधाओं का लाभ पहुंचाते हैं। शुभम ने बताया कि पिछले महीने उनके खाते से इंटरनेट बैकिंग जरिए 80 रुपये गायब हो गए। जबकि किसी को पासवर्ड और ओटीपी भी नहीं बताया।
शुभम बताते हैं कि ऐसा उनके अकेले के साथ ही नहीं हुआ बल्कि अन्य बैंक मित्र भी धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। स्योहारा के बैंक मित्र के खाते से चार लाख, बढ़ापुर के बैंक मित्र के खाते से दो लाख और हल्दौर बैंक मित्र के खाते से बीस हजार रुपये गायब हुए।
हापुड़ और फिर लखनऊ हुई रकम ट्रांसफर
शुभम बताते हैं कि खाते से रकम गायब होने के बाद उन्होंने अपने स्तर से जानकारी की तो मालूम हुआ कि उनके खातों की रकम पहले हापुड़ के बैंक में ट्रांसफर की गई। इसके बाद लखनऊ के एक बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। मामले में साइबर सेल को शिकायत की गई है।
कस्टमर केयर के बजाए साइबर क्रिमिनल से हो गया संपर्क
रहटी जागीर के रहने वाले अरविंद कुमार ने बताया कि उन्होंने बैंक संबंधी एक जानकारी के लिए कस्टमर केयर को फोन किया। मगर, उक्त फोन कॉल साइबर अपराधियों के पास पहुंच गई। इसके बाद आरोपियों ने उसके खाते से 85 हजार रुपये उड़ा लिए गए।
ठगी होने पर 1930 पर करें कॉल
साइबर ठगी के पीड़ित 24 घंटे के अंदर 1930 पर कॉल कर दें। कॉल करने के तुरंत बाद ही कार्रवाई शुरु हो जाती है। पैसा जिस खाते में जाता है, उसे फ्रीज कराते हुए वापस कराया जाता है। हाल ही में एक पीड़ित के 31 हजार रुपये वापस कराए गए हैं। - राजेश सोलंकी, सीओ