संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमपी सिंह ने जानलेवा हमले के प्रकरण में आरोपी फुरकान एवं शमीम की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
थाना चांदपुर के गांव पाडला निवासी लखविंदर सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 11 मार्च 2024 की रात डेढ़ बजे अपने मकान के बाहर वाले बरामदे में सो रहा था। तभी अचानक गोली चलने की आवाज आई और कुत्ते भी भौंकने लगे। उसने आंख खुलने पर गोली चलती देखी। हमलावरों ने उस पर फायर किया। आसपास के घरों में जाग हो जाने पर हमलावर गोली चलाते हुए भाग गए।
गोली लगने से उसके कुत्ते की मौत हो गई। उसने भागते हुए हमलावरों को पहचाना। इसमें गुल्लन, शमीम, फुरकान, शाहनवाज, शहबाज एवं दो अज्ञात आदमी थे। कोर्ट में जमानत की सुनवाई के दौरान बताया गया कि इन आरोपियों ने एक जनवरी 2024 को भी लखविंदर सिंह पर जानलेवा हमला किया था। इसकी रिपोर्ट थाना चांदपुर में दर्ज है।
लखविंदर का कहना था कि यह लोग उसे भगा कर उसकी जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। इसलिए बार-बार उस पर हमला किया जा रहा है। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए शमीम एवं फुरकान की जमानत याचिका खारिज कर दी है।