बिजनौर। जिले को एग्रीबिजनेस अवार्ड 2022 पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार बिजनौर की ओर से जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने प्राप्त किया। जिले को यह अवार्ड जैविक खेती, निर्यात बढ़ाने सहित अन्य कार्यों के लिए दिया गया है।
भारतीय कृषि एवं खाद्य परिषद की ओर से एपी शिंधे सिमपोजीयम हॉल नई दिल्ली में बुधवार को पांचवें इंडिया एग्री बिजनेस समिट 2022 का आयोजन हुआ। जिसमें बिजनौर को एग्रीबिजनेस अवार्ड 2022 पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार भारत सरकार के केंद्रीय राज्यमंत्री, मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी, डॉ. संजीव बालियान, कृषि मंत्री हरियाणा सरकार जेपी दलाल, नीति आयोग सदस्य रमेश चंद्र, डॉ. एमजे खान चेयरमैन एवं डॉ. एनके दलानी एडवाइजर, भारतीय कृषि एवं खाद्य परिषद की ओर से पुरस्कार दिया गया। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने बताया कि यह सम्मान प्रशासन व कृषि विभाग की ओर से जनपद के किसानों को उदाहरणात्मक सहयोग, निर्यात को बढ़ावा देने के लिए दिया गया है। इसके अलावा किसानों और विपणन संस्थाओं को एक मंच पर लाने का काम किया गया है। कृषकों की आय में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि करने तक का काम किया है।
जिले के गुलाब जामुन आम ने प्रदेश में पाया था प्रथम स्थान
जुलाई माह में लखनऊ में हुए आम महोत्सव प्रतियोगिता में बिजनौर जनपद के गुलाब जामुन आम प्रजाति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था। मुख्यमंत्री ने जिले के विजेता प्रगतिशील किसान डॉ. दयाकृष्ण शर्मा को प्रशस्ति पत्र व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया था।
गो आधारित खेती को दिया जा रहा बढ़ावा
जैविक खेती के साथ जनपद में गो आधारित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृषि विभाग की ओर से गांव में किसानों को गो आधारित खेती करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं।
खाड़ी देशों में तक पहुंचे बिजनौर के उत्पाद
जिले के किसानों ने तकनीकी एवं उन्नति जाति के बीजों का प्रयोग किया, तो जिले का उत्पाद अन्य राज्यों ही नहीं खाड़ी देशों तक पहुंच गया। जनपद से अब तक गुड़, चावल, आम, सरसों का तेल आदि उत्पाद निर्यातकों द्वारा किसानों से खरीद कर भेजे गए हैं। इससे किसानों को उचित दाम मिला है। किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है।