पहाड़ पर हो रही लगातार बारिश से गंगा खादर में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। ब्रह्मपुरी गांव के कुछ घरों में गंगा का पानी घुस गया, जिसके बाद उन्होंने तटबंध पर बसेरा बना लिया है। गंगा का पानी भरने से जलीलपुर-सलेमपुर मार्ग भी बाधित हो गया। बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेमी कम 219.70 मीटर पर बना हुआ है।
पुलिस ने खादर के गांवों में बाढ़ का एलान कराया है और लोगों को गंगा की तरफ नहीं जाने की सलाह दी है। रविवार की सुबह आठ बजे हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज से गंगा में 142729 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रात में डेढ़ लाख क्यूसेक से भी अधिक पानी छोड़ा गया था। बिजनौर बैराज से गंगा में 183000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मालन नदी भी उफनी हुई है।
गंगा खादर क्षेत्र के गांव सलेमपुर ढोलनपुर, फेजीपुर एवं महमूदा खादर के जंगल में गंगा का पानी आने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। जलस्तर बढ़ने से जलीलपुर सलेमपुर मार्ग पर करीब दो फुट पानी बह रहा है और इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। सीओ सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। ननवा सिंह, दिनेश कुमार, संजीव कुमार ने बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए स्थायी हल निकालने की मांग की है। ब्रहमपुरी और रावली के बीच बने रपटे पर पानी बह रहा है।
फसलें हुईं जलमग्न : मंडावर थाना क्षेत्र के गंगा खादर में फसल जलमग्न होने के साथ साथ दर्जनों गांवों में भी गंगा कटान का खतरा बढ़ गया है। हजारों बीघा गन्ने और चारे की फसल भी पानी में डूब गई है। ग्राम राजरामपुर, फतेहपुर सभाचंद, कोहरपुर, कुंदनपुर, बादशाहपुर समेत दर्जनों गावों के ग्रामीणों को गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
गहरा दबाव कमजोर पड़ा, लेकिन भारी बारिश जारी : मौसम विभाग
मौसम विज्ञान विभाग ने रविवार को कहा कि दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश में बना गहरे दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ा है। यह पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ेगा और कमजोर होकर 24 घंटे में कम दबाव के क्षेत्र में बदलेगा। विभाग के अनुसार 22 अगस्त को इनमें से कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। अगले 12 से 24 घंटों में तेज हवाएं चल सकती है। दक्षिणी उत्तर प्रदेश व उत्तरी छत्तीसगढ़ में हवा 30 से 40 किमी प्रति घंटे और पूर्वी राजस्थान में 25 से 35 किमी प्रति घंटे की गति तक बह सकती है।
गंगा के उफान से तटबंध टूटा
पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण गंगा उफान पर है। इस कारण सिरजेपुर गांव के समीप गंगा का पानी तटबंध तोड़कर बाहर निकल आया है। फतेहपुर प्रेम गांव के समीप भी तटबंध की स्थिति नाजुक बनी हुई है। तटबंध टूटने की खबर से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। एसडीएम अखिलेश यादव ने स्थिति का जायजा लिया। क्षतिग्रस्त तटबंध को जोड़ने की कवायद पिछले तीन दिनों से ग्रामीणों द्वारा की जा रही है। रविवार को गंगा के उफान के कारण खादर क्षेत्र के गांव सिरजेपुर के समीप क्षतिग्रस्त होकर तटबंध टूट गया।