कर्नाटक निवासी रेलवे का सेवानिवृत्त कर्मचारी खुद को विजिलेंस का अफसर बताकर यात्रा कर रहा था। रेलवे कर्मियों ने पूछताछ की तो हड़काने लगा। सूचना पर टीम ने उसे पकड़कर जांच की तो मामला खुल गया। केस दर्ज किया गया है।
मुरादाबाद कंट्रोल की सूचना पर नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पर रेल अधिकारियों और जीआरपी ने फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर को पकड़ लिया। मुरादाबाद से लिंक एक्सप्रेस में सवार फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर रेलवे का सेवानिवृत्त कर्मी निकला।
विज्ञापन
मुरादाबाद कंट्रोल रूम ने नजीबाबाद स्टेशन को लिंक एक्सप्रेस में रेलवे बोर्ड का विजिलेंस इंस्पेक्टर बताकर एक व्यक्ति के यात्रा करने और टीटीई स्टाफ को हड़काने की सूचना दी। सीआईटी भावेश शर्मा और टीटीई सुनील तोमर की ओर से सूचना मिलते ही मुख्य टिकट निरीक्षक संतोष अरोड़ा, सीएमआई आरके मीणा ने जीआरपी के साथ फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर जावेद अली को लिंक एक्सप्रेस से नजीबाबाद स्टेशन पर उतार लिया। 64 वर्षीय जावेद अली शिवाजी नगर कर्नाटक निवासी रेलवे का सेवानिवृत्त पीसीआई ( यात्री शिकायत निरीक्षक) कर्मी निकाला।
सीआईटी नजीबाबाद संतोष अरोड़ा ने जीआरपी नजीबाबाद में रेलवे बोर्ड का विजिलेंस इंस्पेक्टर बताकर लिंक एक्सप्रेस ट्रेन में सफर करने, मुरादाबाद स्टेशन और ट्रेन में सफर के दौरान खुद को रेलवे बोर्ड का विजिलेंस इंस्पेक्टर बताकर टीटीई स्टाफ को हड़काने, एसी कोच में सफर करने, मुरादाबाद स्टेशन पर ठहरने की वीआईपी सुविधा लेने का मामला दर्ज कराया। जीआरपी प्रभारी कमल किशोर ने बताया कि फर्जी विजिलेंस इंस्पेक्टर बताने वाले जावेद अली को जमानत पर छोड़ दिया।