बिजनौर के गांव जयनगर निवासी उमेश कुमार अकेले रहते थे, उनका परिवार के साथ विवाद चल रहा था। रात में छत से वह गिर गए, सुबह ग्रामीणों ने उनका शव पड़ा देखा। दिल्ली से आए परिजनों ने उनके शव का अंतिम संस्कार किया।
जिले के गांव जयनगर में सीआरपीएफ के उपनिरीक्षक उमेश कुमार (55) की सोमवार रात अपने घर की छत से गिरकर मौत हो गई। घटना का पता मंगलवार शाम को चला, जब किसी पड़ोसी ने पुलिस को सूचित किया कि उनका शव आंगन में पड़ा हुआ है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उपनिरीक्षक उमेश कुमार शराब पीने के आदी थे और उनका अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था, जिसके कारण वह घर में अकेले ही रहते थे। पोस्टमार्टम के बाद उनके पार्थिव शरीर को गांव के पास रामगंगा घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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सीआरपीएफ में उपनिरीक्षक के पद पर श्रीनगर में तैनात उमेश कुमार की अपनी पत्नी और बच्चों के साथ अनबन थी। उनकी पत्नी अपनी दो पुत्रियों के साथ दिल्ली में रहती हैं। पारिवारिक कलह के चलते उमेश कुमार कुछ समय से पोस्टिंग पर नहीं जा रहे थे और गांव में भी कभी-कभार ही आते थे। गांव में वह अपने घर में अकेले रहते थे।
उमेश कुमार 12 जुलाई को गांव आए थे और घर पर अकेले ही रह रहे थे। 13 जुलाई की रात को वह छत पर सो रहे थे, तभी किसी समय वह नीचे गिर गए, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। अगले दिन, 14 जुलाई को जब ग्रामीण ने उनका शव घर के आंगन में पड़ा देखा, तो उन्होंने पुलिस को सूचित किया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों से जानकारी हासिल की। सूचना पर दिल्ली से उनकी पत्नी रीता और दोनों बेटियां आशु और अक्षिका भी गांव पहुंच गईं। सीओ आलोक सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
अंतिम संस्कार और गार्ड ऑफ ऑनर
पोस्टमार्टम के बाद उपनिरीक्षक उमेश कुमार के पार्थिव शरीर को गांव के पास रामगंगा घाट ले जाया गया, जहां उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। उनकी बड़ी बेटी आशु ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। इस दुखद अवसर पर गांव और आसपास के लोग मौजूद रहे।