थानाध्यक्ष अफजलगढ़ ने पुलिसकर्मियों के संग रामलीला के मंच पर अभिनय कर रहे कलाकारों को थप्पड़ जड़ दिए। मंच के पास ही रखे धार्मिक ग्रंथ का भी अपमान किया गया। दर्शकों पर भी लाठियां भांजीं। इसके विरोध में ग्रामीणों ने सीओ ऑफिस पर प्रदर्शन कर थानाध्यक्ष के निलंबन की मांग की।
विज्ञापन
बुधवार को सैकड़ों लोग सीओ ऑफिस पर पहुंचे। धार्मिक जागरण मंच के नेता एनपी सिंह ने बताया कि गांव भूतपूरी में दो दिन पहले रामलीला के मंचन का अंतिम दिन था। रात में करीब एक बजे मंच पर रावण का दरबार लगा। आरोप है कि तभी थानाध्यक्ष योगेश चौधरी मंच पर पहुंच गए और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
मंच के पास रखे धार्मिक ग्रंथ पर हाथ मारकर गिरा दिया। अभिनय कर रहे कलाकारों को थप्पड़ भी जड़ दिए। मेकअप रूम में जाकर उनसे अभद्रता कर मारपीट की। इसके बाद पुलिस कर्मियों के साथ दर्शकों के बीच जा पहुंचे और लाठियां भांजते हुए उन्हें भी दौड़ाया। इससे मौके पर रामलीला का मंचन बंद हो गया। साउंड सिस्टम के एम्पलीफायर आदि को भी गाड़ी में भरवाकर अपने साथ थाने ले गए।
ग्रामीणों ने जय श्री राम के नारे लगाते हुए थानाध्यक्ष के निलंबन की मांग की। यदि मामले में संतुष्टि पूर्ण कार्रवाई न की गई तो आंदोलन किया जाएगा। सीओ अंजनी कुमार ने ग्रामीणों को जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस दौरान एडवोकेट फूलकुंवर सिंह, भाजपा नगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा, संजीव कुमार, इन्द्रेश सिंह, ओमप्रकाश सिंह, धर्मपाल सिंह, मिंटू, छत्रपाल, अंकित, शीला देवी, मनीषा देवी, विमला देवी, पूनम देवी, पुष्पा देवी, ऊमा देवी, प्रेमलता, राधा और अनीता देवी आदि मौजूद रहे।
ये बोले एसपी
ग्रामीण की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। हालांकि ग्रामीणों ने कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया। पुलिस रामलीला की आड़ में कराए जा रहे डांस को बंद कराने की पहुंची थी। - अभिषेक झा, एसपी