प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक को केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम ने 30 हजार की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शाखा प्रबंधक ने खादी ग्राम उद्योग से अनुमोदित फाइल पर कर्ज देने की एवज में 60 हजार रुपये की मांग की थी।
थाना नगीना देहात क्षेत्र के ग्राम कोटकादर निवासी सचिन पुत्र धर्मपाल ने बताया कि उसने खादी ग्रामोद्योग में आटा चक्की लगाने के लिए आवेदन किया था। खादी ग्राम उद्योग से उक्त आवेदन पर स्वीकृति प्रदान करते हुए छह लाख का कर्ज लेने की फाइल ग्राम कोटकादर स्थित प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक में भेज दी गई। इसकी एवज में बैंक शाखा प्रबंधक प्रियांशु त्यागी ने दस प्रतिशत के हिसाब से साठ हजार रुपये रिश्वत की मांग कर दी। रुपये नहीं देने पर उसकी फाइल को रिजेक्ट कर दिया। दो महीने बीत जाने के बाद दोबारा बैंक में फाइल भेजी गई। लेकिन मैनेजर रिश्वत के बिना फाइल पास करने को राजी नहीं हुआ।
सचिन ने सीबीआई गाजियाबाद से संपर्क किया। सीबीआई की टीम बृहस्पतिवार को कोटकादर पहुंच गई। योजना के तहत पेशगी तीस हजार रुपये बैंक मैनेजर को देने गया। 30 हजार रुपये फाइल पास होने के बाद देने तय हुए। सचिन का आरोप है कि मैनेजर ने कहा कि चपरासी मदन को बाहर ले जाकर रुपये दे दो, सचिन ने ऐसा ही किया। उधर, सीबीआई की टीम ने रिश्वत लेते हुए मदन को पकड़ लिया, जिसे शाखा प्रबंधक के पास ले जाया गया। बाद में पुष्टि होने पर सीबीआई की टीम ने शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया।