सांप के डसने के बाद झाड़ फूंक के चक्कर में परिजन 150 दूर ले गए। लेकिन दो किमी दूरी पर स्थित सीएचसी पर लेकर नहीं गए। समय पर एंटी स्नेक वैनम न लगने पर जाकिर की जान चली गई।
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सर्पदंश के बाद समय से एंटी स्नेक वैनम न मिलने और झाड़फूंक में समय खराब करने से लोगों की जान लगातार जा रही है। स्योहारा के ग्राम चकमहदूर सानीम में ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां सांप के काटने के बाद जाकिर (40) को परिजन 150 किमी दूर तक झाड़फूंक कराते रहे, और दवा देने वालों के पास लेकर घूमते रहे। उसकी जान चली गई। वहीं दो किलोमीटर दूरी पर सीएचसी पर एंटी स्नैक वेनम भी, वहां उसे लेकर नहीं गए।
स्योहारा के ग्राम चकमहदूर सानीम में रविवार तड़के 2:30 बजे ज़ाकिर (40) पुत्र स्वर्गीय नज़ाकत अली को सोते समय सांप ने डस लिया। उसकी चीख सुनकर परिजन दौड़े आए और जाकिर को करीब तीन किमी दूर मलकपुर ले गए। वहां झाड़ फूंक करने वाला नहीं मिला तो 22 किमी दूर हसुपुरा ले गए। वहां भी बात नहीं बनी तो 45 किमी दूर नौगांवा ले गए। इस दौरान जाकिर की हालत लगातार बिगड़ती रही। घंटों तक परिजन इसी चक्कर में लगे रहे। आने जाने में करीब 150 किमी सफर कर लिया। मगर घर से दो किमी दूर सीएचसी पर एंटी वैनम नहीं लगवाया।
अंतत: जाकिर की मौत हो गई। सोमवार तड़के परिजन उसे लेकर स्योहारा लौट आए। सोमवार को दोपहर के समय उसे सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
चिकित्सकों ने बताया कि यदि मरीज को एंटी वैनम दे दिया जाता, तो उसकी जान बच सकती थी। जाकिर स्योहारा गैस एजेंसी पर सिलिंडर वितरण का काम करता था और अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा था। मौत के बाद परिजनों में गम का माहौल है।
सभी सीएचसी पर एंटी स्नेक वैनम उपलब्ध, झाड़ फूंक के चक्कर में न पड़ें
सीएमओ डा. विजय कुमार गोयल का कहना है कि जिलेभर की सभी सीएचसी पर एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध है। यदि कहीं सर्पदंश की घटना होती है, तो मरीज को जितना जल्दी हो सके, अस्पताल ले जाएं। वहां एंटी वैनम लगवाएं। इससे मरीज की जान बच सकती है। लोग झाड़फूंक के चक्कर में न फंसें। इससे जान जाने का खतरा है।
सीएमओ डा. विजय कुमार गोयल का कहना है कि जिलेभर की सभी सीएचसी पर एंटी स्नैक वेनम उपलब्ध है। यदि कहीं सर्पदंश की घटना होती है, तो मरीज को जितना जल्दी हो सके, अस्पताल ले जाएं। वहां एंटी वैनम लगवाएं। इससे मरीज की जान बच सकती है। लोग झाड़फूंक के चक्कर में न फंसें। इससे जान जाने का खतरा है।