गांव देवानंदपुर गढ़ी में एक पेड़ पर तेंदुआ बैठा था। कुत्ते के भौंकने पर ग्रामीण एकत्र हो गए। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को भगाने के लिए फायर किया तो उसने पेड़ से कूदकर पास ही खेत में काम कर रहे किसान परमजीत पर हमला कर दिया।
वनकर्मियों ने तेंदुए (गुलदार) के भगाने के लिए फायर किया तो उसने पेड़ से कूदकर गांव देवानंदपुर गढ़ी में खेत पर काम कर रहे परमजीत सिंह (45) पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्हें सीएचसी से हायर सेंटर रेफर किया गया है।
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गांव नूरपुर हट्टी में पिंजरे में फंसा तेंदुआ।
- फोटो : अमर उजाला
भूपेंद्र सिंह के खेत के समीप खड़े पेड़ के नीचे मंगलवार को एक पिटबुल कुत्ता लगातार भौंक रहा था। उसे भौंकता देख वहां ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने देखा कि पेड़ पर गुलदार बैठा है। कुत्ते के भौंकने के कारण गुलदार नीचे नहीं उतर रहा था। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। वनकर्मियों ने फायरिंग कर गुलदार को भगाया तो भागते हुए गुलदार ने पास में अपने धान के खेत में काम कर रहे परमजीत सिंह पुत्र हरजाप सिंह पर हमला कर दिया।
शोर सुनकर मौके पर मौजूद अन्य किसान और गश्त कर रहे वनकर्मियों ने गुलदार को जंगल की ओर खदेड़ा। परिजन आनन-फानन घायल को पीएचसी कासमपुरगढ़ी ले गए, जहां से उन्हें सीएचसी और फिर अफजलगढ़ भेजा गया। घायल के चेहरे और आंख पर गहरे जख्म हैं।
किसान सहकारी समिति कासमपुरगढ़ी के पूर्व अध्यक्ष गुरविंदर सिंह का कहना है कि गुलदार लगातार लोगों पर हमलावर हो रहा है। वन विभाग की ओर से समस्या का समाधान कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने पकड़े गए गुलदारों को अन्यत्र छुड़वाने तथा गांवों से सटी रेंज के पास चहारदीवारी कर उसके ऊपर तारबाड़ कराने की मांग की है। अमानगढ़ रेंजर अंकिता किशोर ने कहा कि गुलदार के संभावित स्थान को चिह्नित कर पिंजरा लगाया जाएगा और क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जा रही है।
पिंजरे में फंसा आठ साल का नर गुलदार
नगीना रेंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत सैदपुरा गज्जू के गांव नूरपुर हट्टी में मंगलवार सुबह करीब पांच बजे एक गुलदार पिंजरे में फंस गया। वन रेंजर प्रदीप शर्मा ने बताया कि पकड़ा गया गुलदार नर है तथा उसकी आयु लगभग आठ वर्ष आंकी गई है। यह कृषि क्षेत्र में सक्रिय था तथा निराश्रित पशुओं को अपना शिकार बना रहा था। इसके अलावा नजदीकी डिग्री कॉलेज के आसपास भी उसकी गतिविधियां देखी जा रहीं थीं। वन विभाग ने 17 अगस्त को क्षेत्र में पिंजरा लगाया था। पिंजरे में मुर्गियों को रखा गया था। मंगलवार को पिंजरे में फंसे गुलदार को वन विभाग की टीम अपने साथ ले गई। उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र में रखा गया है।