- -ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत की गई मजबूत पैरवी
- कोर्ट ने 87 दिन में सुनाई सजा, 60 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कल्पना पांडेय ने आठ वर्षीय बालिका के साथ हुए दुष्कर्म का दोषी पाते हुए 87 दिन में बिजेंद्र को 25 वर्ष के कारावास एवं 60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में से 30 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं।
थाना किरतपुर के एक गांव निवासी ने व्यक्ति ने थाना किरतपुर में तहरीर दी थी उसकी आठ वर्षीय धेवती उसके यहां छुट्टियों में आई थी। सात जून 2024 को धेवती अन्य बच्चों के साथ अरुण के ट्यूबवेल पास खेल रही थी। इसी दौरान बिजेंद्र आया और उसकी धेवती को खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया।
बच्चों के शोर मचाने पर बिजेंद्र पीड़िता को खेत में छोड़कर भाग गया। पीड़िता घायलावस्था में खेत में पड़ी मिली थी। उसके कपड़े खून से लथपथ थे। पीड़िता ने कोर्ट में अपने बयान में दुष्कर्म करने की बात बताई थी। कोर्ट ने इस मामले में बिजेंद्र को आठ वर्षीय पीड़िता से दुष्कर्म का दोषी पाते हुए 25 वर्ष की सजा सुनाई है।
18 दिन में चार्जशीट और 87 दिन में हो गई सजा
बालिका से दुष्कर्म की घटना के बाद 87 दिनों के रिकार्ड समय में सजा सुनाई गई है। इस मामले में घटना के 18 दिन बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। अभियोजन पक्ष ओर से न्यायालय में 11 गवाह पेश किए गए। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की मॉनिटरिंग की और साक्ष्य पेश करने में दिलचस्पी ली। अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्य के आधार पर बिजेंद्र को दोषी पाया गया।
ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत इस केस को चिन्हित किया गया था। मॉनिटरिंग करते हुए पैरवी कर्ता को समय-समय पर दिशा निर्देश दिए गए। कोर्ट में पुलिस और अभियोजन विभाग की मजबूत पैरवी के चलते महज 87 दिन में ही सजा कराई गई। - राम अर्ज, एएसपी देहात, बिजनौर