संवाद न्यूज एजेंसी
अफजलगढ़/रेहड़। वन विभाग की टीम अमानगढ़ में शिकार के बाद बाघ की खाल बरामद नहीं कर पाई है। इस प्रकरण में अन्य आरोपियों का भी सुराग नहीं लग सका है। टीम के हाथ बाघ के अन्य अवशेष भी लगे हैं। वन अधिकारियों की टीम बाघ की खाल एवं अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
वन विभाग के उच्चाधिकारियों की टीम ने बीते शुक्रवार रात लगभग दो बजे मुखबिर की सूचना के आधार पर अमानगढ़ के नबीगढ़ ठेरी निवासी शमशेर अली, उसके दोनों पुत्र रुस्तम एवं शराफत सहित असलम, अशरफ अली निवासी केहरीपुर जंगल को वन्य जीव के अवशेष के साथ गिरफ्तार किया था। इस मामले में वन्य जीव की खाल अब तक बरामद नहीं हो पाई है। हालांकि चार दिन पूर्व अमानगढ़ के गुर्जर गेट रानी नांगल निवासी व्यक्ति से भी वन अधिकारियों ने पूछताछ की थी। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया था।
वन विभाग मान रहा है कि शिकार में कुछ अन्य और लोग भी शामिल हैं। इनकी वन विभाग की टीम को तलाश है, जो बाघ की खाल लेकर गायब हैं। वन विभाग की टीम ने दो दिन पूर्व वन विभाग कार्बेट द्वारा अमानगढ़ रेंज से सटे झिरना, ढेला एवं कालागढ़ रेंज के अंतर्गत आने वाले गुर्जरों के डेरों पर तलाशी अभियान भी चलाया था। छह दिन की कवायद के बाद ही वन्य जीव की खाल को लेकर वन विभाग के हाथ खाली हैं। वहीं, वन विभाग के हाथ बाघ के कुछ और अवशेष लगे थे। इस संबंध में वन अधिकारियों का कहना है कि अन्य आरोपियों को पकड़े जाने के लिए दो टीमें लगाई गईं हैं। शीघ्र ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी।