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भाकियू गाड़ी कांड: पंजीकृत वाहन स्वामी के बेटे को मिली गाड़ी

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बिजनौर। भाकियू गाड़ी कांड ने एक और मोड़ लिया है। कोर्ट के आदेश गाड़ी को थाने से छोड़ दिया गया है। अब यह गाड़ी पंजीकृत वाहन स्वामी के बेटे को मिल गई है। संगठनों की रार में आखिरकार गाड़ी कागजों में असल मालिक के पास पहुंच गई। दरअसल भाकियू जिलाध्यक्ष ने गाड़ी लूट का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था, जिसके बाद गाड़ी को बरामद करते हुए थाने में खड़ा कर दिया गया।
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शहर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर बोलेरो गाड़ी छिंदौक के रहने वाले स्व. रामेंद्र सिंह के बेटे वरुण के हवाले कर दी। यह गाड़ी रामेंद्र सिंह के नाम पर थी जोकि किसान यूनियन के कार्यकर्ता थे। भाकियू जिलाध्यक्ष के लिए खरीदी गई यह गाड़ी दिगंबर सिंह के पास रही। दिगंबर सिंह के जिलाध्यक्ष पद से हटने के बाद मौजूदा जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह के पास यह गाड़ी चली गई थी। चार अगस्त की शाम यह गाड़ी कुलदीप सिंह से छीन ली गई थी।
इस मामले में जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने भाकियू अराजनैतिक के ब्लॉक अध्यक्ष अंकित कुमार, कपिल कुमार निवासीगण काजीवाला थाना मंडावर, हिमांशु निवासी टुंगरी, रक्षित, अनमोल पुत्र ध्यान सिंह निवासीगण दौलतपुर और दिगम्बर सिंह को नामजद करते हुए दस अज्ञात युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आखिरकार पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए रात में गाड़ी को बरामद कर लिया था। वहीं भाकियू जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह और बाबूराम तोमर आदि ने एसपी दिनेश सिंह से मुलाकात कर प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें गाड़ी के केस में विवेचना कर आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल करने की मांग उठाई है। उधर इस मामले में भाकियू के मंडल अध्यक्ष बाबूराम तोमर ने बताया कि भाकियू अराजनैतिक के युवा प्रदेशाध्यक्ष ने एक वीडियो जारी कर किसान यूनियन का उपहास उड़ाया, इससे आक्रोश है। कहा कि अगर पुलिस ने गाड़ी के केस में एफआर लगा दी है, तो आंदोलन किया किया जाएगा। गाड़ी लूट एक अपराध है, भाकियू बर्दाश्त नहीं करेगी।
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