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जिले में 500 करोड़ का निवेश करेगी बेल्जियम की कंपनी

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जिले में 500 करोड़ का निवेश करेगी बेल्जियम की कंपनी
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बिजनौर। उद्योग के लिहाज से जनपद को पिछड़ा हुआ माना जाता रहा है, लेकिन अब स्थितियां बदलने जा रही हैं। जी हां, पहली बार किसी कंपनी ने बड़े स्तर पर जिले में निवेश करने का मन बनाया है। लखनऊ में बाकायदा विदेशी कंपनी घोषणा कर चुकी है। दरअसल, बेल्जियम की कंपनी जनपद में 500 करोड़ रुपये का निवेश कर आलू प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करेगी।
शुक्रवार को लखनऊ में हुई ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में तमाम कंपनियों ने निवेश की घोषणा की। जिनमें से एक है बेल्जियम की एग्रीस्टो मासा कंपनी। यह कंपनी बिजनौर में छोटा मोटा नहीं बल्कि 500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। संभवत: जुलाई से यह कंपनी अपने संयंत्र के लिए जमीन तलाशना शुरू कर देगी। इस कंपनी का मुख्यालय हरेलबेक में है। जिसकी नीदरलैंड में उत्पादन इकाइयां हैं। यह कंपनी आलू से विभिन्न उत्पाद बनाती है। एग्रीस्टो मासा ने अगले पांच सालों में चरणबद्ध तरीके से जिले में आलू प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। सब कुछ ठीक रहा तो धरातल पर इस कंपनी का उद्योग आते ही जिले के औद्योगिकीकरण को नई ऊंचाई मिलेंगी।
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चार हजार हेक्टेयर जमीन में होता है आलू
फिलहाल जिले में चार हजार हेक्टेयर जमीन में आलू की फसल पैदा की जाती है। आमतौर पर जिले में कुफरी प्राई सोना और कुफरी बहार 3797 प्रजाति की पैदावार ली जाती है। आलू की इन दोनों ही प्रजातियों से चिप्स और अन्य आलू के उत्पाद बन जाते हैं। अब विदेशी कंपनी आने के बाद जिले में आलू का रकबा बढ़ना तय है।
...तो गन्ना बेल्ट में जमीन बनाएगा आलू
बिजनौर गन्ना बेल्ट में शामिल हैं, सवा दो लाख हेक्टेयर जमीन में गन्ने की पैदावार ली जाती है। गन्ने की पेराई के लिए पहले से ही नौ चीनी मिल स्थापित हैं। वहीं, एक और चीनी मिल लगने जा रही है। जिले में हर साल 14 करोड़ क्विंटल गन्ने की पैदावार होती है। अब आलू प्रसंस्करण की विदेशी कंपनी का उद्योग लगने से जिले में आलू की डिमांड बढ़ जाना स्वभाविक है। ऐसे में आलू उत्पादक किसानों को नुकसान होने की गुंजाइश नहीं बचेगी। जब जिले में विदेशी कंपनी आलू खरीदेगी तो पैदावार भी स्वत: ही बढ़ जाएगी। यानि गन्ना बेल्ट में आलू भी जमीन बना लेगा।
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रोजगार के खुलेंगे नए दरवाजे
विदेशी कंपनी निवेश करेगी तो जिले में रोजगार बढ़ने की पूरी संभावनाएं है। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। किसानों के आलू के दाम सही मिलेंगे। वहीं, किसान से अगली कड़ी में शामिल लोगों को भी रोजगार मिलेगा। संयंत्र में युवाओं को भी रोजगार मिलने की आस है। इस कंपनी ने शुरूआत में करीब 150 रोजगार देने का लक्ष्य रखा है, जो धीरे-धीरे और बढ़ेंगे।
इस कंपनी से जुड़े लोग लखनऊ गए थे और निवेश की जानकारी मिली है। यह जिले के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि इससे रोजगार के अवसर भी बनेंगे - उमेश मिश्रा, डीएम
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