बिजनौर। डीएम रमाकांत पांडेय ने बेसिक शिक्षा के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा व ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाओं से संतृप्त किए जाने के संबंध में अफसरों की समीक्षा बैठक ली।
शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक में डीएम ने बेसिक शिक्षा के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए बताया कि मानव विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में विकास एवं सुधार को मापने हेतु परफोरमेंस ग्रेडिंग इंडेक्स प्रणाली विकसित की गई है। इसमें लर्निंग आउटकम एक्सेस, इंफ्रास्ट्रक्चर एंड फेसिलिटी, इक्विटी आउटकम्स एवं गवर्नेंस इंडीकेटर्स में सुधार लाने की आवश्यकता है।
डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अनुश्रवण समिति की बैठक में प्रेरणा ऐप, प्रेरणा प्रणाली, सर्पोटिव सुपर विजन, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, समेकित शिक्षा कार्यक्रम, वित्तीय समीक्षा, मध्याह्न भोजन योजना आदि समस्त बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा कर दिशा निर्देश दिए।
डीएम ने सीडीओ, परियोजना निदेशक, बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित संबधित सभी अधिकारियों को प्रेरणा एप डाउनलोड करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में जो भी छोटे मोटे कार्य हैं, उन्हें तत्काल कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने बीएसए को ये भी निर्देश दिए कि छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क यूनिफार्म एंव पाठय-पुस्तकों व स्कूल बैग, जूता-मोजा एवं स्वेटर आदि का वितरण नियमानुसार समय से करना सुनिश्चित करें।
डीएम ने ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाओं की समीक्षा करते हुए बीएसए एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए कि कायाकल्प के अंतर्गत आने वाले परिषदीय विद्यालयों की ब्लाक बार सूची बनाकर, उनमें जो भी कमी है, उससे मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कामता प्रसाद, परियोजना निदेशक विजय प्रकाश श्रीवास्तव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, समस्त खंड शिक्षा अधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।